गणतंत्र दिवस के मौके पर झांसी पुलिस ने अभिनव प्रयोग करते हुए गणतंत्र दिवस की सालाना परेड की कमान महिलाओं को सौंपी है। अभी तक पुरुष ही कमांडिंग अफसर बनते थे लेकिन पहली दफा सभी कमांडिंग अफसर महिलाओं को बनाया गया है। इस दफा पुलिस की सभी टोलियां महिलाओं की अगुवाई में निकलेंगी। इसके साथ 253 महिला पुलिस कर्मियों को भी परेड में शामिल किया गया है। शनिवार को फुल ड्रेस रिहर्सल में भी इन महिला कर्मियों ने हिस्सा लिया। गणतंत्र दिवस की तैयारियों में सभी सरकारी महकमे जोर-शोर से जुटे हैं। सबके आकर्षण का केंद्र पुलिस लाइन में होने वाली सालाना परेड रहती है। पुलिसकर्मियों को भी इसका इंतजार रहता है।
परंपरा के मुताबिक कमांडिंग अफसर का चुनाव अनुशासन, टाइमिंग एवं मजबूत लीडरशिप के आधार पर होता है। खास तौर से मजबूत आवाज एवं आदेश देने की क्षमता रखने वाले का ही चुनाव होता है, इसमें अक्सर पुरुष पुलिसकर्मी ही बाजी मारते थे। परेड में उनका दबदबा रहता था। महिला पुलिसकर्मी आगे नहीं निकल पाती थीं। बदलाव लाने के लिए एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने पहले से ही महिलाओं को आगे करने का प्रयास शुरू किया। अलग-अलग विंग में काम करने वाली 13 महिला पुलिसकर्मियों को चुना गया। उनको ड्रिल आदि के लिए विशेष तौर से प्रशिक्षित किया गया।कमांडिंग अफसर के लिए चयन प्रक्रिया आरंभ होने पर ये महिलाएं खरी पाई गईं। इस आधार पर उनका चयन हुआ। अब 26 जनवरी की सालाना परेड में इन्हीं 13 महिलाओं की अगुवाई में पुलिसकर्मियों की टुकड़ियां निकलेंगी।







