गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर इस वर्ष भी चारधाम यात्रियों और स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। दोनों हाईवे पर संकरे और क्षतिग्रस्त स्थानों को सुधारने के लिए परिवहन समिति की रिपोर्ट भी अभी तक शासन-प्रशासन को नहीं भेजी गई। वहीं गत वर्ष की रिपोर्ट पर भी सड़कों से संबंधित विभागों और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।यात्रा से पूर्व परिवहन विभाग सहित यातायात पुलिस और सड़क से संबंधित विभागों की संयुक्त रिपोर्ट शासन को भेजी जाती है, लेकिन चारधाम यात्रा को शुरू होने में अभी मात्र डेढ़ माह का ही समय बच गया है। लेकिन यह रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी गई है।
वहीं गत वर्ष भी यह देखने को मिला था कि जब गंगोत्री हाईवे पर गंगनानी के समीप दुर्घटना हुई थी, तो उसके बाद प्रशासन और परिवहन समिति जागी थी और वहां पर निरीक्षण कर कुछ सुधार के सुझाव दिए थे। इसके बाद वहां पर मोड़ों पर शीशा और रिफेक्लेटर लगाकर इतिश्री कर दिया गया, लेकिन मोड़ों पर चौड़ीकरण के लिए बीआरओ की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए। वहीं गंगोत्री हाईवे कई स्थानों पर अभी क्षतिग्रस्त है। वहीं यमुनोत्री हाईवे पर राड़ी और ओरछा बैंड के अंधे मोड़ों पर किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं है।
शासन को भेजी जाएगी परिवहन समिति की रिपोर्ट जल्द ही
वहीं पालीगाड़ से जानकीचट्टी तक के करीब 40 किमी सड़क की स्थिति भी बदहाल है। वहां संकरी सड़कें हर वर्ष हादसों को न्योता देती है। वहीं इन स्थितियों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यात्रा को सुगम बनाने के लिए अधिकारी कितने संजीदा हैं।एआरटीओ रत्नाकर सिंह का कहना है कि परिवहन समिति की रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेजी जाएगी। यमुनोत्री हाईवे का कुछ क्षेत्र निरीक्षण के लिए बचा हुआ है। यातायात पुलिस के साथ निरीक्षण कर जल्द ही इस कार्रवाई को पूरा किया जाएगा।







