उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। ऋषिकेश में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वीआईपी का नाम उजागर करने के लिए यमकेश्वर विधायक के आवास का घेराव करने की कोशिश की। भारी पुलिस बल ने आंदोलनकारियों को आवास से पहले ही रोक दिया और तीखी नोकझोंक के बाद उन्हें पुलिस वाहन में भरकर आईएसबीटी भेज दिया।दोपहर 12:30 बजे महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंशुल त्यागी के नेतृत्व में महिला कांग्रेस के कार्यकर्ता गौरा देवी चौक से नारेबाजी कर यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट के आवास का घेराव करने जा रहे थे। विधायक आवास घेराव की सूचना मिलने पर पुलिस ने दोनों ओर से बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस बल तैनात कर दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों में नोकझोंक होने लगी। प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत कई महिला कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गई। इस दौरान पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए।
महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंशुल त्यागी ने कहा कि अंकिता भंडारी पूरे उत्तराखंड की बेटी है। लेकिन भाजपा सरकार अपराधियों को बचाने में लगी है। कहा कि विधायक रेणु बिष्ट किस प्रभावशाली व्यक्ति को संरक्षण दे रही हैं। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जिससे सच सामने आ सके और दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जा सके। कहा कि जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी तब तक महिला कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला ने कहा कि महिला कांग्रेस के नेतृत्व में यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की विधायक रेणु बिष्ट के आवास का सांकेतिक घेराव किया गया। अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान का सवाल है। पुलिस ने विरोध कर रही महिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में वाहन में बिठाकर आईएसबीटी में छोड़ा। प्रदर्शन करने वालों में पुष्पा मिश्रा, मधु जोशी, सुनीता बंसल, सुमन पंचभैय्या, सरस्वती, सावित्री, पार्वती, उमा, शांता, कमला आदि शामिल रहीं।ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वाहन में बैठाकर आईएसबीटी में छोड़ा गया।







