रुद्रपुर में जिला अस्पताल की नर्स ने जूनियर डॉक्टर पर अश्लील मैसेज भेजने के मामले में हुई जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। दरअसल, जांच में डॉक्टर और नर्स के बीच करीब एक साल पूर्व से चैटिंग व फोन कॉल पर लंबी बातें निकलकर सामने आई हैं। वहीं आरोप पत्र दाखिल करने से पहले नर्स ने खुद की ओर से भेजे गए कई मैसेज भी डिलीट किए हैं।जिला अस्पताल में कार्यरत एक नर्स ने 22 सितंबर की रात व्हाट्सएप पर अश्लील मैसेज भेजने और विरोध करने पर धमकी देने की लिखित शिकायत कर जूनियर डॉक्टर पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद पीएमएस डॉ. आरके सिन्हा ने टीम गठित कर जांच कराई। टीम ने जूनियर डॉक्टर से भी अपना पक्ष रखने को कहा था। जांच में डॉक्टर और नर्स के बीच 11 अक्तूबर 2024 की चैट में दोनों साथ चाय पीने की बात कह रहे हैं।
डाक्टर और नर्स की ओर से पेश की गई चैट में ये बात सामने आई है कि जो चैट नर्स ने आरोप पत्र के साथ संलग्न की उसमें से नर्स ने खुद की ओर से भेजे गए कई मैसेज डिलीट भी किए हैं। अस्पताल कर्मियों में यह चर्चा है कि दोनों के परिवारों में आपस में रिश्तेदारी भी है और कुछ विवाद भी।इस प्रकरण की ज्यादा जानकारी नही है। पीड़ित महिला ने दोबारा जांच कराने के लिए पत्र दिया है। जिले में महिला उत्पीड़न समिति है उससे मामले की दोबारा जांच कराएंगे। – डा. केके अग्रवाल, सीएमओ
पीड़ित नर्स से पूछा गया है कि जांच रिपोर्ट में किन बिदुंओं पर वह असहमत है। हमारा प्रयास यह भी रहेगा कि किसी निर्दोष को सजा न मिले। – डा. आरके सिन्हा, पीएमएस







