इंदौर में दूषित पानी से मौत की खबर के बाद गोरखपुर नगर निगम प्रशासन ने शहर में स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। शनिवार को नगर निगम के जलकल विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पाइपलाइन और टंकियों की जांच का अभियान चलाया। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने अभियान का निरीक्षण किया और टीम को सभी वार्डों में तत्काल मरम्मत और पानी की गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए। अभियान के दौरान नौसड़, रसूलपुर, धर्मशाला और अन्य वार्डों में पाइपलाइन लीकेज की शिकायतें सामने आईं।रसूलपुर वार्ड की ग्रीन सिटी रोड पर तीन स्थानों पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त पाई गई, जिसे अवर अभियंता सूर्यसेन मल्ल की टीम ने मौके पर मरम्मत कर जलापूर्ति सामान्य किया।
अवर अभियंता धीरज वर्मा ने बताया कि लीकेज की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर की गई और भविष्य में होने वाली समस्याओं को रोकने के लिए सभी वार्डों में सर्वे कर पाइपलाइन की स्थिति का पूरा डाटा तैयार किया गया। पाइपलाइन की मरम्मत के साथ नगर निगम ने पानी की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया। महिला समूह की कार्यकर्ताओं ने ओटी टेस्ट (ऑन द स्पॉट) के जरिये विभिन्न नलों और टंकियों से लिए गए पानी के नमूनों की जांच की। साथ ही सभी पानी के टंकियों की सफाई कराई गई, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके।अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी वार्ड से लीकेज या दूषित पानी की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने जनता से अपील की है कि पानी की समस्याओं की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं।







