टिहरी और पौड़ी जनपद की सीमा तपोवन और लक्ष्मणझूला को जोड़ने वाला बजरंग पुल 26 जनवरी को जनता के लिए खुल जाएगा। पिछले चार वर्षों से लक्ष्मणझूला पुल के बंद होने के कारण नुकसान झेल रहे स्थानीय व्यापारियों के लिए यह खबर नई उम्मीदें लेकर आई है। इस पुल के खुलने से न केवल आवाजाही सुगम होगी, बल्कि तपोवन और लक्ष्मणझूला क्षेत्र के ठप पड़े कारोबार में भी फिर से जान फूंकी जा सकेगी। स्थानीय व्यापारी लंबे समय से बजरंग सेतु के खुलने का इंतजार कर रहे थे।पिछले चार वर्षों से आवाजाही ठप होने के कारण तपोवन और लक्ष्मणझूला क्षेत्र के व्यापारियों को भारी आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ा है। होटल, रेस्टोरेंट, हस्तशिल्प और साहसिक पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के लिए यह पुल किसी संजीवनी से कम नहीं है। पुल खुलने से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे ठप पड़े कारोबार में फिर से जान आएगी।जब से लक्ष्मणझूला का पुल बंद हुआ है। पर्यटकों ने तपोवन क्षेत्र में आना बंद कर दिया है। पहले पर्यटक तपोवन होते हुए लक्ष्मणझूला पुल से वापस निकल जाते थे, जिससे उनका व्यवसाय चलता था। व्यापारी बीते चार वर्षों से पुल के खुलने का इंतजार कर रहे हैं। – चंद्रमोहन सिंह रावत, होटल व्यवसायी तपोवन
पहले तपोवन क्षेत्र में देशी, विदेशी पर्यटकों की आवाजाही रहती थी। पुल के बंद होने से पर्यटकों की आवाजाही भी बंद हो गई है। बजरंग पुल के खुलने से उम्मीद है कि तपोवन क्षेत्र की मायूसी दूर हो जाएगी और व्यापार के नए अवसर शुरू होंगे। – विनोद बिष्ट, रेस्टोरेंट व्यवसायी, तपोवन
लक्ष्मणझूला पुल के बंद होने से उनका व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो गया था। पुल के खुलने की खबर व्यापारियों के लिए नई उम्मीदें लेकर आई है। प्रभावित व्यापार को फिर से शुरू होने की उम्मीद जगी है। – पवन वर्मा, कॉस्मेटिक व्यापारी, लक्ष्मणझूला
लक्ष्मणझूला पुल के बंद होने से क्षेत्र की रौनक ही छिन गई थी। कारोबार प्रभावित हो रहा था। स्थानीय व्यापारी इस उम्मीद पर थे कि कब बजरंग सेतु बनेगा और क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही शुरू होगी। अब सन्नाटा टूटने व कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है। – रवि वर्मा, कॉस्मेटिक व्यापारी, लक्ष्मणझूला







