पिथौरागढ़ जिले के बेड़ीनाग में मकर संक्रांति पर भतीजे के जनेऊ संस्कार में गईं देवरानी और जेठानी को क्या पता था कि खुशी-खुशी लौटने के दौरान घर से महज आधा किमी पहले काल उन दोनों पर झपट पड़ेगा। उमा देवी और उनकी देवरानी हीरा देवी अपने परिवार के साथ पैतृक गांव ग्वाल में रहतीं थीं। उनका देवर पूर्व सैनिक राजेंद्र बिष्ट अपने परिवार के साथ बेड़ीनाग में रहता है।राजेंद्र के बेटे आयुष का बुधवार को कोटेश्वर महादेव मंदिर में जनेऊ संस्कार हुआ। भतीजे के जनेऊ संस्कार में शामिल होने के लिए दोनों महिलाएं पहले देवर और कोटेश्वर मंदिर पहुंचीं। उसके बाद परिवार के साथ जनेऊ संस्कार के बाद दोनों अपने गांव लौट रही थीं। 12 किमी के इस सफर में दोनों ने दिन के कार्यक्रम को लेकर खूब बातें कीं लेकिन जब घर से महज आधा किमी दूर थीं तो काल दोनों पर झपट पड़ा और हादसे में दोनों की जान चली गई। पहले ही अपने दोनों बेटों को खो चुकीं उनकी सास 85 वर्षीय मोहनी देवी अब दोनों विधवा बहुओं को खोने के बाद बदहवास हैं।
पिथौरागढ़ में सड़क हादसा हादसे में देवरानी-जेठानी की मौत जनेऊ संस्कार की खुशियां मातम में बदली
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