उप परिवहन आयुक्त शैलेश कुमार तिवारी ने बताया कि ई-डिटेक्शन प्रणाली के तहत वाहनों के नंबर को परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल से रियल टाइम कनेक्ट किया जाएगा। इससे वाहनों की ई-निगरानी और ई-चालान किया जा सकेगा। इसमें वाहनों के परमिट, बीमा प्रमाणपत्र, प्रदूषण प्रमाणपत्र, फिटनेस सर्टिफिकेट और रोड टैक्स आदि की जांच होगी। डाटाबेस में कोई भी दस्तावेज एक्सपायर या अवैध होने पर सिस्टम उसे डिफॉल्टर के रूप में चिह्नित कर देगा। अगर आप देवभूमि उत्तराखंड की यात्रा पर आ रहे हैं या स्थानीय स्तर पर वाहन चला रहे हैं तो कागजात दुरुस्त करा लीजिए।
परिवहन विभाग 19 जनवरी से ई-डिटेक्शन प्रणाली लागू करने जा रहा है। इसके माध्यम से बिना बीमा, परमिट, प्रदूषण या फिटनेस उत्तराखंड की सीमा में घुसने वाले वाहनों का स्वत: चालान हो जाएगा। सात टोल प्लाजा से वाहनों की ई-निगरानी और ई-चालान की व्यवस्था की जाएगी।15 वर्ष या इससे अधिक पुराने वाहनों की भी पहचान की जा सकेगी। उल्लंघन होने पर ई-चालान कटेगा और वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर एसएमएस मिल जाएगा। इसका भुगतान ऑनलाइन किया जा सकेगा। उत्तराखंड में प्रथम चरण में परमिट, बीमा, फिटनेस की जांच कर अधूरा होने पर ई-चालान किया जाएगा।
ट्रायल में 1569 ऐसे वाहन पहचाने गए जिनके परमिट और फिटनेस समाप्त
उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने बताया कि शनिवार को मैनुअली परीक्षण करते हुए इसकी शुरुआत की गई। इस दाैरान एक दिन में सभी सात टोल प्लाजा से 49060 वाहनों की सूची ई-डिटेक्शन प्रणाली को प्राप्त हुई थी। इनमें से 1569 ऐसे वाहन पहचाने गए, जिनके परमिट और फिटनेस समाप्त थे। इसका ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।
इन टोल प्लाजा पर होगी वाहनों की ई-निगरानी
बहादराबाद टोल प्लाजा, हरिद्वार
भगवानपुर टोल प्लाजा, हरिद्वार
लच्छीवाला टोल प्लाजा, देहरादून
जगतापुर पट्टी टोल प्लाजा, ऊधमसिंह नगर
बनुषी टोल प्लाजा, ऊधमसिंह नगर
नगला टोल प्लाजा, ऊधमसिंह नगर
देवरिया टोल प्लाजा, ऊधमसिंह नगर







