शाश्वत गर्ग की राजपुर स्थित हिलॉक्स परियोजना के 10 खरीदारों ने रेरा में शिकायत की है। इन खरीदारों से फ्लैट की पूरी रकम लेकर उनके हक में रजिस्ट्री नहीं की गई है। इससे पहले ही शाश्वत गर्ग पत्नी समेत देहरादून से भाग निकला। अब रेरा ने इन सभी मामलों में सुनवाई के लिए अलग-अलग तारीखें तय कर दी हैं।पिछले साल 16 अक्तूबर को शाश्वत गर्ग अपनी ससुराल हापुड़ गया था। वहां से परिवार समेत वह फरार हो गया। शाश्वत गर्ग के देहरादून में दो आवासीय परियोजनाएं चल रही हैं। इनमे एक राजपुर में हिलॉक्स नाम से और दूसरी रायपुर के थानो में …के नाम से बन रही है। शाश्वत के फरार होने के बाद कुछ लोगों ने रायपुर परियोजना के संबंध में रेरा को शिकायत की थी।
इसके बाद रेरा ने इस परियोजना की खरीद फरोख्त पर रोक लगाते हुए इसके फ्रीज कर दिया था। अब हिलॉक्स परियोजना के भी 10 खरीदारों ने रेरा का दरवाजा खटखटाया है। हिलॉक्स परियोजना का बहुत बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है।इस आवासीय परिसर में बहुत से लोग रह भी रहे हैं लेकिन कुछ खरीदार ऐसे हैं जिन्हें पूरी रकम चुकाने के बाद भी उनके पक्ष में रजिस्ट्री नहीं हुई है। ऐसे में अब रेरा इसमें नियमानुसार कार्रवाई के लिए तारीखें लगा दी हैं। रेरा सदस्य नरेश मठपाल ने बताया कि इन सभी खरीदारों की शिकायतों को दर्ज कर लिया गया है।समय-समय पर अब इनमें सुनवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में रेरा अपनी नजर बनाए हुए है। शाश्वत गर्ग के रायपुर स्थित परियोजना को फ्रीज कराया जा चुका है। बता दें कि हिलॉक्स परियोजना के एक खरीदार की शिकायत पर ही पुलिस ने भी प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी के आधार पर अब ईडी ने भी शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी के खिलाफ मनी लॉन्डि्रंग एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की है।







