भगवानपुर क्षेत्र के रायपुर स्थित मदरसा इस्लामिया अरबिया सईदिया में इस समय उत्साह का माहौल है। इस अवसर पर जहां हाफिज-ए-कुरान बनने वाले नन्हे बच्चों की दस्तारबंदी की गई, वहीं पांच वर्षों की आलमियत की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों का फूल-मालाओं से सम्मान किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जामिया फैजुल उलूम, खानकाह बुड़िया के नाजिम हाफिज़ हुसैन अहमद रहे। उन्होंने दस्तारबंदी के बाद देश-दुनिया में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ कराई। उन्होंने कहा कि कुरान की तालीम इंसान को सब्र, सहनशीलता, सच्चाई और इंसानियत का रास्ता दिखाती है, जिसकी आज के दौर में सबसे अधिक जरूरत है। इस मौके पर मानकमऊ सहारनपुर से आए मौलाना मोहम्मद नाजिम ने कहा कि मदरसे के तालिब-ए-इल्म कुरान की रोशनी और अपनी सलाहियतों के जरिये समाज और देश की सेवा कर रहे हैं।कार्यक्रम में उलेमा-ए-इकराम, शिक्षक, अभिभावक और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर हज़रत इनामुल्लाह कासमी और मदरसे के नाज़िम कारी हुसैन साहब भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन दुआओं के साथ किया गया।
मदरसा इस्लामिया अरबिया सईदिया रायपुर में जश्न का माहौल
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