कायाकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को परखने के लिए तीन सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम ने उप जिला अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, संसाधनों और सुविधाओं की भौतिक जांच की, जिसके आधार पर अंकों का निर्धारण किया जाएगा। राज्य टीम की रिपोर्ट के बाद केंद्रीय टीम भी मूल्यांकन करेगी, जिसके आधार पर अस्पताल को पुरस्कृत किया जा रहा है।वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत अभियान शुरू होने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने अस्पतालों के लिए कायाकल्प योजना चलाई है। जिसके तहत अस्पतालों की सेवाओं, साफ-सफाई, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण और अन्य सहयोगी सेवाओं के आधार पर अस्पताल में व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया जाता है। अव्वल आने पर तीन श्रेणियों में पुरस्कार राशि दी जाती है।
इसी के तहत राज्य की कायाकल्प टीम के सदस्य डॉ. बीबी जोशी, दीपक भट्ट और कृष्णा बिष्ट ने मंगलवार को राजकीय उपजिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की ओपीडी, औषधि भंडार, पैथोलॉजी लैब, इमरजेंसी वार्ड, इंडोर वार्ड, जनरल ओटी, गायनी ओटी आदि का निरीक्षण किया।सीएमएस डॉ. आनंद राणा ने टीम को अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान डॉ. अमित रौतेला, डॉ. लोकेश सलूज, गुणवत्ता प्रबंधक आयुषी भट्ट आदि मौजूद रहे।







