यमुनानगर। 16 जनवरी को यमुनानगर जिला सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल मिलने के चार दिन बाद भी सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। धमकी सीटीएम पीयूष गुप्ता को उनके आधिकारिक ईमेल पर भेजी गई थी। सूचना मिलते ही उस दिन प्रशासन और पुलिस ने तीन मंजिला सचिवालय के कोने-कोने की तलाशी ली थी। बम स्क्वायड की टीम ने हर कमरे, गलियारे और आसपास के क्षेत्र को खंगाला, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। चार दिन बीत जाने के बाद सचिवालय परिसर में उस धमकी का कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग बिना किसी सघन जांच के सचिवालय में आ-जा रहे हैं। न तो प्रवेश द्वार पर नियमित तलाशी हो रही है और न ही आगंतुकों की कड़ी निगरानी नजर आ रही है।
कर्मचारियों का कहना है कि धमकी भले ही झूठी साबित हुई हो, लेकिन इसे हल्के में लेना ठीक नहीं है। प्रशासन को स्थायी सुरक्षा इंतजामों पर ध्यान देना चाहिए। इस मामले में पुलिस द्वारा डीडीआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस का दावा है कि धमकी भरी ईमेल कहां से भेजी गई और इसके पीछे कौन है, इसकी गहन जांच की जा रही है। साइबर सेल की मदद से मेल की तकनीकी जानकारी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कहा कि मामले की जांच लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। जिला सचिवालय में आने वाले प्रार्थियों और आगंतुकों की बीच-बीच में तलाशी ली जा रही है। जरूरत पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जाएगी।







