27 नई ई-बसों के संचालन के विरोध में विक्रम-ऑटो महासंघ की रैली से आज शहर की रफ्तार थम गई। आईडीपीएल से नगर निगम कार्यालय तक निकाली गई विरोध रैली के कारण लोगों को तीन घंटे तक भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा, वहीं परिवहन विभाग को भी बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। अंततः मेयर शंभू पासवान के आश्वासन के बाद चालकों ने हड़ताल समाप्त की।शनिवार को सुबह 11 बजे अलग-अलग यूनियनों से जुड़े ऑटो और विक्रम आईडीपीएल मैदान में एकत्रित हुए। यहां से सभी ऑटो विक्रम चालक नगर निगम कार्यालय पहुंचे। इस दौरान आईडीपीएल से हरिद्वार हाईवे तक ऑटो विक्रमाें की लंबी कतार लगी रही। वहीं आईडीपीएल क्षेत्र से बाजार के लिए ऑटो विक्रम उपलब्ध न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग पैदल जाते दिखे।
उत्तराखंड विक्रम, टेंपो महासंघ महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने कहा कि इस रोजगार की लड़ाई में हम सब एक साथ हैं। इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आगे भी लड़ाइयां लड़ी जाएंगी। उत्तराखंड परिवहन महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय रावत ने कहा कि प्रदेश के हालात बद से बदतर हो चुके हैं। ऋषिकेश के परिवहन व्यवसायी अपने रोजगार की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। ऑल उत्तराखंड ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष गजेंद्र नेगी ने भी ऑटो विक्रम यूनियन को समर्थन दिया।कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला ने कहा कि हमें अपने हितों की रक्षा के लिए जोरदार आंदोलन चलाना होगा। अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लड़ना होगा। मेयर का चुनाव लड़ चुके दिनेश मास्टर ने कहा कि नगर निगम की ओर से ई-बस संचालित करने की बात कही जा रही है। एक साल के कार्यकाल में ही लोगाें के रोजगार छीनने की योजना बनाई गई है। अभी चार साल और बचे हैं।इस अवसर पर त्रिलोक भंडारी, सुनील शर्मा, राजेंद्र लंबा, वीरेंद्र सजवाण, मंगल सिंह राणा, प्रताप यादव, नवीन चंद्र रमोला, आशुतोष शर्मा, दयाल सिंह भंडारी आदि उपस्थित रहे।







