कुमाऊं के शहरों में जलभराव की समस्या से लोगों को निजात मिलने वाली है। सिंचाई विभाग ने हल्द्वानी, रामनगर, रुद्रपुर, काशीपुर, खटीमा और सितारगंज के लिए 1784.38 करोड़ का मास्टर ड्रेनेज प्लान तैयार किया है। इससे 10 लाख से अधिक की आबादी को फायदा मिलेगा। सैटेलाइट के आधार पर कार्यों की डीपीआर को शासन को भेज दिया गया है।
हल्द्वानी नगर निगम
450 करोड़ से 83.40 किमी लंबी नाले-नालियों से जल निकासी की योजना है। चीनपुर, देवखड़ी, कलसिया, पनियाली, रकसिया और वन चौकी नाले से गौला और भाखड़ा नदी में पानी छोड़ा जाएगा। इससे निगम के 60 वार्डों की करीब तीन लाख की आबादी को राहत मिलेगी।
रुद्रपुर नगर निगम
40 वार्डों में अभी 25.54 किमी लंबे नालों से ड्रेनेज हो रहा है। 530.64 करोड़ से मास्टर प्लान में 31 किमी बड़े नाले और 27.28 किमी छोटे नाले बनाए जाएंगे। इनका पानी कल्याणी, बैगुल, बनरसिया और हल्दी नदी में छोड़ा जाएगा। योजना साकार होने के बाद निगम की दो लाख से अधिक की आबादी की जलभराव की समस्या दूर होगी।
काशीपुर नगर निगम
काशीपुर के लिए 250 करोड़ से 40 वार्डों के लिए ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया है। वर्तमान में 30.4 किमी लंबे नालों से पानी की निकासी हो रही है। यहां 16.12 किमी बड़े और 9.50 किमी छोटे नाले बनेंगे। इनका पानी ढेला, बहला नदी और गबिया नाले में छोड़ने की योजना है। हर साल जलमग्न सड़कों से गुजरने वाले करीब दो लाख लोगों को इससे निजात मिलेगी।
नगरपालिका रामनगर
यहां 28.74 करोड़ से गांधीनगर, गोपालनगर और आनंदनगर के साथ ही मालधन चौड़ के गांवों में जलभराव की समस्या का समाधान होगा। चोरपानी क्षेत्र के लिए भी ड्रेनेज प्लान बनाया गया है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पालिका के 20 वार्डों की आबादी 54,787 है। लखनपुर खताड़ी, गूलरघट्टी, गौजानी आदि क्षेत्रों की जल निकासी कोसी नदी में की जाएगी।
नगरपालिका खटीमा
20 वार्ड वाले इस निकाय में 341 करोड़ का ड्रेनेज प्लान बनाया गया है। 14.16 किमी लंबे नालों से निकासी हो रही है। अब यहां 19 किमी नए बड़े नाले और 14.94 किमी छोटे नाले बनाए जाएंगे। यहां की आबादी 58494 है। नालों का पानी ऐंठा, खकरा और मुकरान नाले में छोड़ा जाएगा।
नगरपालिका सितारगंज
31711 आबादी वाले इस क्षेत्र की परिधि में 14.53 किमी नालों से जल निकासी हो रही है। मास्टर प्लान में अब 2.30 किमी नए और 10.40 किमी नए नाले बनेंगे। इन नालों का पानी बैगुल और औंघरी नदी में छोड़ा जाएगा। यहां के मास्टर प्लान में 13 वार्डाें के लिए 184.03 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत दिलाने के लिए डीपीआर शासन को भेजी गई है। यह योजना वर्ष 2047 को ध्यान में रखकर बनाई गई है। धनराशि स्वीकृत होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। – संजय शुक्ल, मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग







