राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) और नमामि गंगे उत्तराखंड की ओर से एक होटल में स्लज मैनेजमेंट विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।जिसमें स्लज प्रबंधन की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की गई। कार्यशाला में नमामि गंगे उत्तराखंड के कार्यक्रम निदेशक विशाल मिश्रा ने कहा कि स्लज मैनेजमेंट के तहत नदियों को स्वच्छ एवं निर्मल रखा जा सकता है। कार्यशाला में जो सुझाव मिलेंगे उसकी रिपोर्ट राज्य सरकार और केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। प्रदेश में संचालित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) से उत्पन्न स्लज के प्रभावी प्रबंधन, सुरक्षित निस्तारण, दोबारा उपयोग एवं संसाधन पुनर्प्राप्ति से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के निदेशक राहुल द्विवेदी ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकी से गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ एवं निर्मल बनाया जा सकता है। इस अवसर पर सुवर्णा भट्ट, एए काजमी, विशाल एस बुधिया, सिद्धार्थ कांतारिया, डॉ. वेदप्रिया आर्या, जयपाल तोमर, दीपक मलिक आदि उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों ने किया स्लज प्रबंधन पर मंथन
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