नीलकंठ मंदिर मार्ग पर लोनिवि और पुलिस प्रशासन की टीम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। जेसीबी से 12 अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया। इस दौरान दुकानदारों व प्रशासन की टीम के बीच नोकझोंक भी हुई। कुछ दुकानदारों ने अतिक्रमण हटाने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। प्रशासन का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो फिर कार्रवाई की जाएगी।बुधवार सुबह करीब 11 बजे जेसीबी मशीन ने जिला पंचायत पार्किंग के समीप से मंदिर की ओर सड़क किनारे सरकारी भूमि पर निर्मित अवैध टीन शेड और लकड़ी की झोपड़ियों को तोड़ना शुरू किया। हालांकि पहले दिन केवल लकड़ी के बने 12 छप्परों को ही तोड़ा गया। सड़क किनारे निर्मित टीन शेड का केवल छज्जा ही तोड़ा गया। वहीं, सरकारी भूमि पर काबिज कुछ दुकानदारों ने स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन से एक सप्ताह का समय मांगा। कुछ दुकानदारों ने प्रशासन पर अतिक्रमण के नाम पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
कहा कि लक्ष्मण झूला से गरुड़ चट्टी, रत्ता पाणी, काली कुंड, खैर खाल, दिउली आदि क्षेत्रों में वर्षों से सरकारी भूमि पर दुकानें निर्मित हैं। वहां प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। केवल नीलकंठ क्षेत्र के व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है।कार्रवाई के दौरान दुकानदारों व प्रशासन की टीम के बीच नोकझोंक भी हुई। प्रशासन की टीम में कानूनगो यशपाल नेगी, चौकी प्रभारी नीलकंठ लक्ष्मण सिंह कुंवर,राहुल ठाकुर, राजस्व उपनिरीक्षक वेद प्रकाश सिंह पटवाल, अमित कुमार, प्रदीप रावत, विशाल बिष्ट, धाम सिंह, उपेंद्र पयाल आदि शामिल रहे।
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नीलकंठ मंदिर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई है। कुछ दुकानदारों के अनुरोध पर उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए एक सप्ताह का समय का समय दिया गया है। सरकारी भूमि से एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो पुनः कार्रवाई की जाएगी। – वैभव जोशी, तहसीलदार, यमकेश्वर







