जसपुर। व्यापार की फर्जी फर्म बनाने के लिए अभिलेख एकत्र करने वाले गिरोह के एक सदस्य को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। प्रकरण में बीते वर्ष थाना रेहड़ जनपद बिजनौर (यूपी) में जीएसटी सहित बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गिरफ्तार जसपुर निवासी कादिर पर आरोप है कि उसने सरकारी योजनाओं के नाम पर सीधे साधे लोगों से उनके अभिलेख एकत्र किए थे। इन्हीं के सहारे गिरोह के अन्य सदस्यों ने फर्जी फर्म बनाकर व्यापार कर बिना वास्तविक 6,25,36,212 रुपये की आउटवर्ड सप्लाई के बोगस लेन-देन के सहारे 1,12,56,893 रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम लेकर सरकार को राजस्व नुकसान पहुंचाया था।
इस मामले में अरुण सिंह यादव, राज्य कर अधिकारी खंड धामपुर जिला बिजनौर (यूपी) ने 29 दिसंबर 2025 को जीएसटी चोरी संबंधित प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में अबरार उर्फ नब्बू निवासी मोहल्ला नईबस्ती वार्ड 12 का नाम प्रकाश में आया। शनिवार को पुलिस टीम ने रेहड़ फूड प्लाजा के पास से आरोपी को पकड़ कर जेल भेज दिया है। क्राइम ब्रांच निरीक्षक प्रवेश पाठक ने बताया कि कादिर ने रेहड़ थाना क्षेत्र के कई लोगों से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर उनके महत्वपूर्ण अभिलेख तीन-तीन हजार रुपये में ले लिए। इन्हीं से इनकी कई फर्जी फर्म बना ली। आरोपी के पास से एक फोन, आधार और पेन कार्ड बरामद हुआ है।







