Thursday, February 19, 2026
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फाटो पर्यटन जोन में अब जसपुर से भी होगी जंगल सफारी

जसपुर। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो पर्यटन जोन में एक और गेट से अब जंगल सफारी होगी। वन मंत्री सुबोध उनियाल और सांसद अजय भट्ट ने पतरामपुर से इस गेट का शुभारंभ किया। पहले दिन अतिथियों ने जंगल सफारी का लुत्फ उठाया। फाटो पर्यटन जोन को पर्यटन के लिए विकसित करने के बाद नवंबर 2021 में इसे पर्यटकों के लिए खोला गया था। विभाग की ओर से रामनगर (नैनीताल) के मालधनचौड़ स्थित गूजर झाला से सैलानियों के लिए प्रवेश गेट बनाया गया था। यहां से रोजाना सुबह और शाम की पाली में 50-50 जिप्सियां सैलानियों को जंगल सफारी पर ले जाती हैं। जोन में सैलानियों के बढ़ते रुझान के चलते और जसपुर क्षेत्र के लोगों की मांग पर बुधवार को नर्सरी सिपका बैरियर पतरामपुर से द्वितीय प्रवेश गेट का शुभारंभ किया गया। इस दौरान विधायक आदेश सिंह एवं पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने रिवर सफारी, डाम में सैलानी बोट पैरासेलिंग एवं बर्ड वाचिंग की मांग की। मंत्री ने उन्हें इन विषयों पर आश्वस्त किया। वहां मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं तेजस्विनी पाटिल, मुख्य वन संरक्षक पश्चिमी तराई डाॅ. साकेत बड़ोला, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज पाल, एसएसी आयोग अध्यक्ष मुकेश कुमार, सनी पधान, डाॅ. यूनुस चौधरी आदि मौजूद थे।

जैव विविधता को समेटे है फाटो पर्यटक जोन
जैव विविधता और अनुपम सौंदर्य समेटे जोन में बाघ, हाथी, चीतल, सांभर, मोर के अलावा सैकड़ों प्रजाति के परिंदों का बसेरा है। सफारी पर आने वाले सैलानी वन्यजीवों का दीदार कर खासे रोमांचित होते हैं। वन्यजीव बाहुल्य होने की वजह से यह जोन कम समय में ही सैलानियों को आकर्षित करने में सफल रहा है।

सैलानियों के लिए बनाया ट्री हाउस
फाटो जोन में सैलानियों के लिए प्रदेश का पहला ट्री हाउस है। इस ट्री हाउस में पर्यटन तय शुल्क देकर ठहरते हैं। एक ऊंचे पेड़ पर दो ट्री हाउस बनाए गए हैं। एक ट्री हाउस में एक और दूसरे में दो कमरे बनाए गए हैं। करीब 30 लाख रुपये की लागत से इसे तैयार किया गया है। साथ ही जोन में एक और ट्री हाउस प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही 110 साल पुराना ब्रिटिश कालीन विश्राम गृह एवं दस कमरे भी हैं। इन्हीं कमरों में गुज्जर हट और कैंटीन भी शामिल हैं।

साल भर खुला रहता है जोन
फाटो जोन सालभर खुला रहता है। भारी बारिश में ही जोन को बंद किया जाता है। इस जोन में घूमने के लिए सैलानियों को 1650 रुपये परमिट, 2500 रुपये जिप्सी किराया और 900 रुपये गाइड का शुल्क देना पड़ता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नया गेट शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को भी रोजगार मिलेगा साथ ही पर्यटन गतिविधियां भी बढ़ेंगी।

नजरअंदाज करने का लगाया आरोप
जसपुर। फाटो पर्यटन जोन में द्वितीय प्रवेश गेट के शुभारंभ को लेकर नया विवाद सामने आया है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि फाटो पर्यटन जोन में इस गेट को खोलने के लिए उन्होंने केंद्र और राज्य स्तर पर लगातार प्रयास किए थे। उनके प्रयास से ही योजना परवान चढ़ी है। इस विषय को मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी लाया गया था। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने उनसे कार्यक्रम में अनुपस्थिति रहने का कारण पूछा तब उन्हें पता चला कि उन्हें कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया। मीडिया को जारी उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

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