राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की शिकायत फर्जी निकली। एंटी रैगिंग कमेटी की ओर से बृहस्पतिवार को इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट प्राचार्य डॉ.गीता जैन को सौंपी गई है। इसमें सभी पहलुओं को स्पष्ट किया गया है।सात मार्च को एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र ने कॉलेज में शिकायत देकर बताया कि उसके साथ फैकल्टी और पीजी चिकित्सकों ने रैगिंग की है। प्रबंधन ने इस मामले को एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दिया। कमेटी ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष के सभी 150 छात्रों से बातचीत की। साथ ही महिला और पुरुष कक्षा प्रमुख के बयान लिए। इसमें उनकी ओर से बताया कि उन्हें इस तरह के माहौल के बारे में कभी भी महसूस नहीं हुआ। इसके अलावा एंटी रैगिंग कमेटी मानती है कि अगर कोई फैकल्टी या पीजी डॉक्टर किसी जूनियर छात्र को अनुशासन में आने के लिए कहता है तो ये रैगिंग की श्रेणी में नहीं आता है।
रैगिंग की परिभाषा बहुत ही वृहद है। इसके अलावा शिकायतकर्ता छात्र की ओर से किसी फैकल्टी या पीजी चिकित्सक विशेष का नाम भी नहीं लिया गया। प्रबंधन के मुताबिक एंटी रैगिंग कमेटी ने सभी पहलुओं की जांच की। इसमें शिकायत पूरी तरह फर्जी पाई गई। कॉलेज में किसी भी प्रकार की रैगिंग की घटना नहीं हुई है। इस प्रकार की गलत या भ्रामक शिकायत संस्थान के शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करती है।एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि कॉलेज में किसी भी प्रकार की रैगिंग की घटना नहीं हुई है। इसके सभी संभावित पहलुओं को जांचा गया है। – डॉ. गीता जैन, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज







