साइबर अपराध के मामले थम नहीं रहे हैं। साइबर ठगों के गिरोह ने इंडिया निवेश का फर्जी अधिकारी बनकर काशीपुर के व्यक्ति से 64.72 लाख की ठगी कर ली। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।काशीपुर निवासी गौरव ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि छह अक्तूबर को अनजान व्यक्ति ने उन्हें बुल स्टॉक चार्जर नाम के व्हाटसएप ग्रुप में जोड़ा। उनका कहना है कि वह पहले से स्टोक मार्किट में इनवैस्ट करते हैं। इस ग्रुप में उन्होंने स्टॉक यूज किए तो लाभ हुआ। इसी बीच उन्हें ऑडियो कॉल आया। कॉल करने वाली महिला वान्या गिल ने खुद को कंपनी का मैनेजर बताया और निवेश की बात कही। महिला ने बताया कि उनकी कंपनी निवेश करने के अलावा ब्रोकिंग और अन्य वित्तीय गतिविधियां करती है। महिला के कहने पर उन्होंने निवेश शुरू कर दिया। ठगों के गिरोह ने आधार कार्ड व पैन कार्ड मंगाकर उनका एक डीमेट एकाउंट खोल दिया। बैंक खाते में पहले 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में 64.72 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब उन्हें निवेश करके फायदा नहीं हुआ तो ठगी का एहसास हुआ। ठगी के दौरान गिरोह ने खुद को इंडिया निवेश का अधिकारी बताया। साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले में अज्ञात ठगों पर धोखाधड़ी की धारा में प्राथमिकी कर ली है।
साइबर ठगों के जाल में फंसा युवक इंडिया निवेश का फर्जी अधिकारी बनकर 64.72 लाख की ठगी
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