रायपुर थाना पुलिस ने नेपाल के रास्ते बिना वीजा भारत आईं उज्बेकिस्तान की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। साथ वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी देहरादून में रह रही किर्गिस्तान की एक महिला को भी पकड़ा गया है। इनके पास से फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के मुताबिक ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत पुलिस रविवार को रायपुर क्षेत्र में सत्यापन अभियान चला रही थी। इस दौरान साईं कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर तीन विदेशी महिलाएं रहती मिलीं। इन महिलाओं से जब दस्तावेज मांगे गए तो वे आनाकानी करने लगीं। सख्ती से पूछताछ करने के पर उन्होंने अपने दस्तावेज दिखाए। इस दौरान पता चला कि एक महिला किर्गिस्तान की रहने वाली है जबकि दो महिलाएं उज्बेकिस्तान हैं। उनके पास से पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किया। इसके अलावा फर्जी तरीके से तैयार किए गए कई दस्तावेज भी इनके पास मिले। पुलिस सभी दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं।
महिलाओं ने पूछताछ में अपना नाम इरिका, करीना और निगोरा नीम बताया है। इसमें से इरिका किर्गिस्तान की रहने वाली है। पुलिस ने तीनों से पूछताछ की। किर्गिस्तान की इरिका ने बताया कि वह वर्ष 2023 में एक वर्ष के वीजा पर भारत आई थी। वीजा समाप्त होने के बाद भी वह वापस नहीं गई। करीना और निगोरा ने बताया कि वे वर्ष 2022 और 2023 में नेपाल बॉर्डर से अवैध रूप से भारत में आई थीं। वे भारत में दिल्ली सहित अलग-अलग स्थानों पर रहीं।तीनों की एक-दूसरे से मुलाकात दिल्ली में हुई थी। तीनों के अपने परिचित के माध्यम से अपने नाम से फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाए थे। एसएसपी ने बताया कि निगोरा को पूर्व में बिहार पुलिस की ओर से फर्जी दस्तावेज के आधार पर अवैध रूप से भारत में रहने के अपराध में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वह जमानत पर बाहर आने के बाद भी अपने देश न जाकर अवैध रूप से भारत में ही रह रही थी। पुलिस के अनुसार सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया है।







