हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र के चौफुला ऊंचापुल के पास शनिवार सुबह साढ़े छह बजे के करीब माॅर्निंग वॉक पर गए भूपाल सिंह (49 वर्ष) को ई-रिक्शा ने टक्कर मार दी। सड़क पर गिरने से उनके सिर पर गंभीर चोट आई। परिजन उन्हें नैनीताल रोड स्थित निजी अस्पताल ले गए जहां उपचार के दौरान रविवार को उनकी मौत हो गई।बिठौरिया नंबर एक चौफुला पुल ऊंचापुल निवासी भूपाल सिंह कारोबारी थे। वह प्रतिदिन सुबह टहलने जाते थे। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे उनके छोटे भाई मनोज बिष्ट ने बताया कि शनिवार को चौफुला के पास भूपाल के आगे खड़ा ई-रिक्शा तेजी से पीछे की ओर आया। इससे भूपाल सिंह को टक्कर लगी और वह पीठ के बल सड़क पर गिर गए। उनके सिर पर गंभीर चोट आई। सिर में खून का थक्का जम गया था। नैनीताल रोड स्थित निजी अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया। इसके बावजूद रविवार सुबह सात बजे उनकी सांसें थम गईं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
भूपाल सिंह के दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी डिंपल (20 वर्ष) बीएससी की छात्रा है जबकि बेटा गौतम (18 वर्ष) बीकॉम की पढ़ाई कर रहा है। पूरा परिवार भूपाल पर ही आश्रित था। उनकी मौत ने इस परिवार के भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है।
स्पीड पर नहीं है नियंत्रण
ई-रिक्शा से घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। कहने को इनकी स्पीड लिमिट 25 किलोमीटर प्रति घंटा है लेकिन ये वाहन इससे भी कई अधिक रफ्तार से दौड़ते हैं। इनके कारण आए दिन हादसे होते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदर विभाग इन पर नकेल कसने में नाकामयाब हैं। बीते चार माह में ई-रिक्शा से जुुड़े हादसों में तीन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।15 फरवरी को कालाढूंगी रोड पर तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने सड़क पार कर रहे कारोबारी नरेश चंद्र तिवारी को टक्कर मार दिया जिससे उनकी मौत हो गई। नरेश की पत्नी एलआईयू में महिला दरोगा हैं।एक दिसंबर 2025 को मुखानी के ऊंचापुल के निकट बिना बैक लाइट के चल रहे ई-रिक्शा में पीछे से बुलेट टकराई। घटना में दिल्ली मेट्रो में कार्यरत चंद्रभानु त्रिपाठी निवासी द्वाराहाट की मौत हो गई। उनके दो दोस्त कुसुमखेड़ा के भुवन पांडे व चेतेश्वर के कैलाश पांडे घायल हुए।लगातार अभियान चलाकर लापरवाह ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई भी की जा रही है। फिर से अभियान चलाएंगे। नियमों के विरुद्ध चलने वाले ई रिक्शा को सीज किया जाएगा। – अरविंद कुमार पांडे, आरटीओ प्रवर्तन







