जिला अस्पताल के एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) क्लीनिक में अब केवल डायबिटीज और हाइपरटेंशन की ही नहीं बल्कि कैंसर की शुरुआती जांच और संदिग्ध मरीजों के इलाज की व्यवस्था भी होगी। नई पहल के तहत ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की जाएगी जिससे गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान संभव हो सकेगी।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्क्रीनिंग से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की शुरुआती चरण में पहचान कर मरीजों को समय पर इलाज दिया जाएगा। मरीज को बेहतर इलाज के लिए उच्च संस्थानों में रेफर किया जाएगा। स्क्रीनिंग प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए निजी अस्पतालों के चिकित्सकों के साथ समन्वय स्थापित करने की तैयारी भी की जा रही है। इससे जांच की गुणवत्ता और संदिग्ध मरीजों के त्वरित इलाज में मदद मिलेगी। कैपेड संस्था की ओर से यह कवायद शुरू की जा रही है जिसकी शुरुआत एक अप्रैल से प्रदेश के छह जिलों में एक साथ की जाएगी। फिलहाल जिला अस्पताल में इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।यह पहल कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के मरीजों को शुरुआती स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस पहल से मरीजों में समय पर कैंसर की पहचान होने और इलाज करने में मदद मिलेगी। – वंदना शुक्ला, जिला कार्यक्रम अधिकारी
जिला अस्पताल के एनसीडी क्लीनिक में कैंसर स्क्रीनिंग भी होगी
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