देहरादून रेलवे स्टेशन पर सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे नंदा देवी एक्सप्रेस में लगे अतिरिक्त कोच के चार पहिए पटरी से उतर गए। हादसा तब हुआ जब ट्रेन दीवार से टकरा गई। घटना से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मंडल से कई अधिकारी देहरादून पहुंच गए, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।देहरादून रेलवे स्टेशन पर मौजूद अतिरिक्त कोच नंदादेवी एक्सप्रेस में लगाए गए थे। रूट से वापस लौटने के बाद कुल 11 अतिरिक्त कोच में से 10 को खड़ा करने के लिए ट्रेन प्लेटफार्म नंबर पांच पर गई थी। शंटिंग मास्टर की ओर से लोको पायलट को सही जानकारी न दिए जाने से ट्रेन दीवार से टकरा गई।
लोको पायलट स्थिति को संभालता तब तक कोच के चार पहिए पटरी से उतर गए।घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों में अफरातफरी मच गई। रेलवे ने घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए मुरादाबाद मंडल से अधिकारियों को जांच के लिए भेजा है। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि इसमें शंटिंग मास्टर के नशे में होने की भी बात सामने आयी है। वह लोको पायलट को नहीं बता पाया कि पीछे कितनी जगह है, ऐसे में लोको पायलट ट्रेन को नहीं रोक सका। कोच को लिफ्ट करने के लिए देर रात तक मशक्कत जारी रही।
घटना से कई ट्रेनें प्रभावित
देहरादून रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पटरी से उतरने से कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। मसूरी एक्सप्रेस और कुंभ एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें देरी से रवाना हुईं। घटना के बाद पटरी से उतरे ट्रेन के कोच को लिफ्ट करने के लिए हरिद्वार से स्पेशल ट्रेन को बुलाया गया। ऐसे में देहरादून से चलने वाली ट्रेनों को रोकना पड़ा। उन्हें तभी ग्रीन सिग्नल दिया गया जब स्पेशल ट्रेन देहरादून पहुंच गई। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई है।







