नगर पालिका की बोर्ड बैठक के प्रस्तावों को लेकर आक्रोशित सभासद सोमवार को धरना देकर बैठ गए। उन्होंने नारेबाजी की और सभासदों की उपेक्षा कर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। सभासद संदीप नेगी ने कहा कि बोर्ड बैठक के अस्वीकृत प्रस्तावों को स्वीकृति देने से आक्रोश है। जानबूझकर सभासदों की समस्याओं की उपेक्षा की जा रही है। नगर पालिका की बोर्ड बैठक में अस्वीकृत प्रस्तावों की स्वीकृति देकर अमल में लाने से आक्रोशित सभासद सोमवार को पालिका के मुख्य द्वार पर धरना पर बैठ गए। उनका कहना था कि सभासदों की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। एक साल से विकास कार्य ठप्प पड़े हैं। सभासद प्रदीप नेगी ने कहा कि नगर पालिका प्रशासन की हठधर्मिता के कारण उन्हें धरना देने के लिए विवश होना पड़ा है। यदि उनकी अनदेखी की गई तो आमरण अनशन से भी परहेज नहीं करेगे।बीते 11 नवंबर को बोर्ड में कुछ अस्वीकृत प्रस्तावों को स्वीकृति देने से कुछ सभासद नाराज चल रहे है। उनकी ओर से जिलाधिकारी देहरादून को भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। धरना स्थल पर सभासद प्रतिनिधि विनित मनवाल और हिमांशु राणा भी मौजूद रहे।
नगर का विकास जरूरी विवाद में कांग्रेस नहीं गौरव
नगर पालिका के कांग्रेस सभासद गौरव मल्होत्रा बोर्ड बैठक की प्रोसिडिंग को उचित ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा के ही सभासद विकास कार्यों का विरोध कर रहे हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि नगर का विकास तेजी से हो कांग्रेस इसकी पक्षधर है। कांग्रेस मानती है कि बोर्ड बैठक की प्रक्रिया उचित तरीके से हो रही है। सभासद गौरव मल्होत्रा ने कहा कि विवाद से नगर विकास प्रभावित हो रहा है।नगर के सभी वार्डों में विकास कार्य सभासदों को विश्वास में लेकर कराए जा रहे हैं। सभासदों का दायित्व है कि समूचे नगर के विकास को गति देने में सहयोग करे। यदि निजी स्वार्थों के लिए काम करेंगे तो विकास प्रभावित होगा। हमारा प्रयास है कि सभासदों के सहयोग से नगर विकास को गति मिले। – नरेंद्र सिंह नेगी, अध्यक्ष, नगर पालिका, डोईवाला







