अल्मोड़ा में पेयजल निगम को राजकीय विभाग घोषित करने समेत अन्य मांगों को लेकर निगम के कार्मिकों ने शुक्रवार को पेयजल निगम निर्माण शाखा अधिशासी अभियंता कार्यालय परिसर में धरना दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारे लगाकर विरोध जताया।धरना स्थल हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि पेयजल निगम के राजकीय विभाग घोषित होने तक वेतन, पेंशन का आहरण कोषागार से निर्गत किया जाए। सेंटेज व्यवस्था समाप्त करते हुए कार्मिकों के अधिष्ठान व्यय का एक मुश्त प्रावधान करते हुए सचिव (पेयजल) के निवर्तन पर रखा जाए। प्रत्येक माह की एक तारीख को नियमित रूप से वेतन , पेंशन का भुगतान किया जाए। जब तक निगम के राजकीयकरण अथवा ट्रेजरी के माध्यम से कर्मचारियों को वेतन, पेंशन और अन्य देयकों के आहरण का शासनादेश जारी नहीं किया जाता 21 फरवरी से पांच मार्च तक देहरादून में जिलेवार धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके बाद भी मांगें पूरी न हुई तो छह मार्च से कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि दो माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। कर्मचारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों को वेतन का जल्द भुगतान करने की मांग की।
धरने में ये रहे मौजूद
वहां ईई संजीव वर्मा, सुनील कुमार, देवेंद्र आर्या, दीप चंद्र, अरविंद नेगी, दीपक जोशी, राहुल बिष्ट, दीपक तिवारी, कुंदन अधिकारी, पंकज आर्या, अरुण कठैत, डीएस रावत, साहिल पंत, पंकज जीना, राजेंद्र बिष्ट, दिनेश तिवारी, अर्जुन बिष्ट, अनिल बिष्ट, शुभम जोशी मौजूद रहे।







