नैनीताल जिले में पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू करने की मांग के लिए बैंक कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर रहे। इस दौरान बैंकों में कामकाज नहीं हुआ और खाताधारकों को निराशा हाथ लगी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर कर्मचारिया ने मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिले में 27 बैंकों की करीब 277 शाखाएं हैं। एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन के प्रेसिडेंट कुलदीप बाबेजा ने बताया कि हड़ताल से इनमें 400 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ है।तिकोनिया स्थित एसबीआई की शाखा के बाहर एकत्रित बैंक कर्मियों ने बैंक कर्मचारी एकता ज़िंदाबाद और संविधान और समझौतों का सम्मान करो आदि नारे लगाए। उत्तरांचल बैंक एम्पलाइज यूनियन के नेतृत्व में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव योगेश पंत ने कहा कि 12वां द्विपक्षीय वेतन समझौता वर्ष 2024 में इंडियन बैंक एसोसिएशन और यूएफबीयू के बीच औद्योगिक कानूनों के तहत एक वैधानिक एवं लीगल-बाइंडिंग सेटलमेंट के रूप में संपन्न हुआ था।
समझौते में सरकार से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर पांच दिवसीय बैंकिंग लागू किए जाने पर स्पष्ट सहमति बनी थी। आज उस आश्वासन को लागू न करना औद्योगिक कानूनों और संविधान की भावना के भी खिलाफ है।प्रदर्शन में विभिन्न एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन के प्रेसिडेंट कुलदीप बाबेजा, जोनल सेक्रेटरी ओम नियोलिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अफसर एसोसिएशन से त्रिभुवन पांगती, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से डीजीएस रोहित वर्मा, पीएनबी से हिमांशु ब्रजवाल, कैनरा बैंक से महेश पांगती, कुर्मांचल बैंक से सुरेंद्र शाह आदि थे।नैनीताल में एसबीआई, एचडीएफसी बैंक में काम नहीं होने से कई उपभोक्ता परेशान नजर आए। नैनीताल बैंक के अध्यक्ष प्रवीण साह ने बताया कि सरकार वर्ष 2015 से हमारी मांग को तवज्जो नहीं दे रही है। आईटी सेक्टर, एलआईसी सेक्टर, रिजर्व बैंक में पांच दिनी वर्किंग डे लागू है। बैंककर्मियों का अत्याचार किया जा रहा है।







