शाहजहांपुर के मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के सहमापुर गांव में मायके में रह रही विवाहिता छाया देवी के प्रेम विवाह करने से नाराज होकर घरवालों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने उसके पति रामकुमार की तहरीर के आधार पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर शनिवार को उसके पिता अजय पाल सिंह, मां बेबी उर्फ बब्बो, चाचा रंजीत सिंह और चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वह कार भी अपने कब्जे में ले ली है, जिससे छाया का शव अंतिम संस्कार के लिए गंगा तट पर ले जाया गया था। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि छाया देवी ने जैतीपुर क्षेत्र के गांव पलिउरा निवासी रामकुमार से प्रेम प्रसंग के चलते छह माह पूर्व स्वेच्छा से शादी कर ली थी, लेकिन घर के लोग इस शादी के खिलाफ होने के कारण उसकी दूसरी शादी करना चाहते थे। आरोपियों ने बताया कि छाया देवी के मायके आने के बाद उन्होंने उससे तीन लाख रुपये के गहने और नकदी ले ली थी। छाया अपने गहने वापस मांग कर पति के पास पंजाब जाने की जिद कर रही थी, इसीलिए उन्होंने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
बहगुन नदी के किनारे जलाई चिता
बाद में पुलिस से बचने के लिए उसके शव को कार से जैतीपुर क्षेत्र के मढ़िया घाट पर बहगुल नदी के किनारे ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया था। हत्या की आरोपी विवाहिता की मां बेबी आठ माह की दुधमुंही बेटी को भी अपने साथ लेकर जेल गई है। घटना में कार चलाकर सहयोग करने वाले बाल अपचारी को न्यायालय के आदेश पर शाहजहांपुर के बाल सुधार गृह भेजा गया है, जबकि अन्य तीनों आरोपियों को न्यायालय से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
चिता से मिली दो जोड़ी बिछिया
सीओ तिलहर ज्योति यादव ने बताया कि फॉरेंसिक विभाग की टीम ने छाया देवी की चिता से राख और जली अस्थियों के सैंपल लिए हैं। चिता से चांदी की दो जोड़ी बिछिया भी मिली हैं। चिता की राख और हड्डियों को डीएनए जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। डीएनए जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







