शहर के सुरक्षित माने जाने वाले पॉश इलाके में हथियारबंद बदमाशों ने घात लगाकर गैंगस्टर विक्रम पर हमला किया और वारदात को अंजाम देने के बाद वहां से मिनटों में ओझल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब 10 बजकर 10 मिनट पर गोली चली। गोली लगते ही विक्रम बीच की सीढ़ी में गिर गया। इसके बाद हमलावर वहां से भागे और कुछ सौ मीटर की दूरी पर खड़ी बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।सूत्रों के मुताबिक सिल्वर सिटी से कुछ सौ मीटर की दूरी पर सिटी बस के एक स्टॉप के पास बाइक सवार एक व्यक्ति इनका पहले से इंतजार कर रहा था। सिल्वर सिटी मॉल में वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर कुछ दूर तक राजपुर रोड पर गए। इसके बाद करीब 10 बजकर 16 मिनट पर सर्वे गेट के पास पहुंचे और उसके बाद कैनाल रोड की ओर मुड़ गए। तीनों काले और लाल रंग की स्पोर्ट्स बाइक पर सवार थे। हमलावरों के झारखंड से लिंक मिल रहे हैं।
जिम के बाहर गैंगस्टर की हत्या: गोलीकांड से फिर ‘लाल’ हुई राजधानी, कई वारदातों का मास्टर माइंड रहा विक्रम सूत्रों के मुताबिक हमले में जिस बाइक का प्रयोग हुआ है वह आकाश के नाम पर किराये पर ली गई थी। इसे किराये पर लेने के लिए जो पहचान पत्र जमा किया गया था उसमें झारखंड का पता अंकित है। इसलिए अंदाजा लगाया जा रहा है कि हमलावरों में से कोई न कोई व्यक्ति झारखंड का हो सकता है।आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि हमलावरों के आने-जाने वाले मार्गों की जांच की जा रही है। आरोपियों को पकड़ने के लिए नाकेबंदी की गई है। वह सिल्वर सिटी के पास पैदल आते-जाते देखे गए थे। बाइक से भागने वाले फुटेज आदि पुलिस ने कब्जे में लिए हैं जिनकी जांच की जा रही है।
बेखौफ हमलावरों ने चेहरा तक नहीं ढका
विक्रम को गोली मारने वाले हमलावर किस कदर बेखौफ हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने वारदात को अंजाम देकर भागने के दौरान अपना चेहरा तक नहीं ढका था। बाइक चलाने वाला हमलावरों का साथी तो हेलमेट पहने है लेकिन पीछे बैठे दोनों शूटरों का चेहरा खुला है।
दून पुलिस ने झोंकी ताकत
हत्याकांड के बाद खुलासे के लिए देहरादून पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी। सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर एफएसल की टीम के अलावा एसएसपी, एसटीएफ एएसपी, एसपी सिटी, देहात समेत कई थानों का पुलिस बल पहुंचा। आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप भी खुद घटनास्थल पर निरीक्षण करने पहुंचे। मौके पर ही उन्होंने हत्याकांड के जल्द से जल्द खुलासे के निर्देश दिए।
रील और गाड़ियों का था शौक
हत्या समेत कई तरह की वारदातों के मास्टरमाइंड विक्रम को रील और गाड़ियों का काफी शौक था। इंस्टाग्राम में उसके पांच हजार से अधिक फॉलोअर हैं। उसने गाड़ी से उतरने, कई लोगों के साथ चलने समेत खुद को रॉयल दिखाने वाली कई रील अपलोड की हैं। इनमें हजारों की संख्या में व्यूज हैं।
भाई और शिष्य पर भी शक की सुई
विक्रम हत्याकांड को पुलिस गैंगवार मानने से इन्कार कर रही है। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह रंजिशन की गई हत्या प्रतीत हो रही है। हालांकि झारखंड पुलिस के सूत्रों के अनुसार विक्रम की हत्या में शक की सुई उसके भाई अरविंद शर्मा और शिष्य अखिलेश पर भी है। अरविंद शर्मा 1998 में अशोक हत्याकांड के बाद से फरार है। अरविंद भी कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। अशोक की हत्या के बाद उसने उसकी पत्नी से ही शादी कर ली थी।
बेटी और पत्नी के साथ रहता था विक्रम
बताया जा रहा है कि हिस्ट्रीशीटर विक्रम पर झारखंड में पुलिस का दबाव बढ़ने लगा था। इसके बाद उसने देहरादून में शरण ले ली थी। यहां वह पत्नी और बेटी के साथ रहता था। उसने देहरादून में वर्षों से अपना ठिकाना बनाया हुआ था।
कुछ माह पहले बदल दी थी जिम
विक्रम पहले घर के पास ही एक जिम में जाया करता था। करीब आठ-10 महीने पहले उसने सिल्वर सिटी मॉल स्थित एनी टाइम फिटनेस जिम ज्वाइन कर ली थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि उसे उस जिम में खतरा महसूस हुआ होगा। इसलिए सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में जिम करने जाने लगा। गले में सोने की मोटी-मोटी चेन पहनने समेत अपनी वेशभूषा के कारण वह जिम करने वाले लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बना रहता था।
जन्मदिन से सात दिन पहले हत्या
विक्रम की उसके जन्मदिन के सात दिन पहले ही हत्या हो गई। विक्रम शर्मा के एनी टाइम फिटनेस जिम के रिकार्ड के मुताबिक उसका जन्मदिन 20 फरवरी को होता है। जिम में उसकी जन्मतिथि 20 फरवरी 1975 लिखी है।







