देशभर में मौसम ने करवट ले ली है। जम्मू क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी जारी है, जबकि मैदानी राज्यों में आंधी, तेज हवाएं और बारिश का दौर शुरू हो गया है। वहीं पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 70 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। 28 से 30 मार्च के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर रहने और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।मौसम विभाग की ताजा बुलेटिन के अनुसार जम्मू और आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश हो रही है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी है। 28 और 29 मार्च को इन इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका जताई गई है। इस मौसमी गतिविधि के चलते तापमान में गिरावट आई है और ठंड का असर बढ़ गया है। यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है।उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कई हिस्सों में 28 और 29 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक 29 और 30 मार्च को कई क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। इस दौरान 30 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे धूल भरी आंधी और अचानक बारिश की स्थिति बन सकती है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम तेजी से बदलने के संकेत हैं।
पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में मौसम अत्यधिक सक्रिय बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 मार्च तक लगातार बारिश का अनुमान है। असम और मेघालय में भारी बारिश (64.5 से 115.5 मिमी) की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं और ओलावृष्टि की भी आशंका है, जिससे जलभराव और जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
पूर्वी भारत में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा
बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में 28 से 29 मार्च के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। विशेष रूप से बिहार और पश्चिम बंगाल में ओलावृष्टि और वज्रपात की आशंका जताई गई है। इससे फसलों को नुकसान और आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है।
दक्षिण भारत में हल्की मौसमी गतिविधियां
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में 28 से 30 मार्च के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि यहां मौसम गंभीर नहीं है, लेकिन अचानक बदलाव दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। केरल और माहे में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा, जिससे लोगों को अधिक गर्मी और चिपचिपाहट महसूस हो सकती है। वहीं, असम, मेघालय, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में ओलावृष्टि और तेज आंधी का खतरा बना हुआ है, जहां हवाओं की गति 50 से 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, बड़े पेड़ उखड़ सकते हैं और खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो सकती हैं। केले और पपीते जैसी कमजोर फसलें विशेष रूप से प्रभावित हो सकती हैं।
बदलते मौसम के बीच सतर्कता जरूरी
बिजली और संचार लाइनों को नुकसान पहुंचने से बिजली आपूर्ति और इंटरनेट सेवाएं बाधित हो सकती हैं। खुले में मौजूद लोगों और पशुओं के लिए भी यह स्थिति खतरनाक हो सकती है। कच्चे और कमजोर मकानों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है, जबकि हल्की वस्तुएं तेज हवा में उड़कर नुकसान कर सकती हैं।
मध्य भारत में हल्की बारिश के संकेत
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गरज के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि यहां मौसम ज्यादा तीव्र नहीं रहेगा, लेकिन हल्की बारिश के कारण तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है।







