पूर्व सीएम रावत ने कहा, हमारे पास बड़े प्रतिभावान नौजवान है। लेकिन हम उन्हें राजनीतिक निखरने का अवसर नहीं दे रहे हैं। विधानसभा सीमित समय में चलती है। इससे अच्छे लोग अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिला रहा है। इससे राज्य को नुकसान हो रहा है। नई प्रतिभाओं को जोड़ने की आवश्यकता है। हमने सामान्य परिवारों को राजनीति में मार्गदर्शन कर आगे बढ़ाया। कांग्रेस में एक या दो नेताओं को छोड़ बाकी मेरे साथ जुड़े रहे। कुछ अंदर व बाहर की राजनीति में खिलाफ हो सकते हैं।
मेरे दिमाग में कभी विरासत की बात नहीं आई
रावत ने कहा, मेरे दिमाग में विरासत जैसे कोई बात नहीं है। राजनीतिक में मैंने पुत्र व पुत्री से ज्यादा दूसरे लोगों को तरजीह दी। एक बेटे ने दो बार अपने लिए क्षेत्र तैयार किया। लेकिन मैंने दोनों बार ही वहां दूसरे व्यक्ति को चुनाव लड़ने का मौका दिया। हमने हर क्षेत्र में काम कर समर्थकों को जोड़ा। मैंने जिन लोगों की मदद की है, उनसे जुड़ाव को आगे बढ़ाने के लिए विरासत के रूप में बेटे व बेटी ध्वज वाहक के रूप में दिखाई देते हैं। राजनीतिक में कुछ लोग नाराज रहते हैं कुछ लोग आदर्श मानते हैं। कुछ नौजवानों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहा हूं, उसमे मेरा बेटा भी है।







