Tuesday, February 17, 2026
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तेज बारिश और एवलांच की चेतावनी मसूरी समेत पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी यमुनोत्री हाईवे बंद

उत्तराखंड में आज भी मौसम बिगड़ा हुआ है। वहीं, मौसम विभाग ने बागेश्वर, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, पुरोला, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ, मुनस्यारी, कपकोट और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी होने की संभावना जताई है।

मसूरी में हुई बर्फबारी
पहाड़ों की रानी मसूरी में देर रात को ही हल्की बर्फबारी हुई। बर्फबारी के बाद शहर में ठंड बढ़ गई है। वहीं, तेज हवाओं ने भी परेशानी बढ़ा दी है।

रंवाई घाटी का मुख्यालय से संपर्क कटा
देर रात से हो रही बारिश और बर्फबारी के बाद यमुनोत्री हाईवे राना चट्टी से आगे और राडी टॉप क्षेत्र में आवाजाही के लिए बंद है। जिससे उत्तरकाशी जिले के रवांई घाटी का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है।

स्कूलों में छुट्टी
बर्फबारी की चेतावनी को देखते हुए पौड़ी, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।

हिमस्खलन की चेतावनी जारी
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी एवं हिमस्खलन की संभावनाओं को दृष्टिगत जिलाें को सतर्क किया है। रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान के जारी पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार शाम पांच बजे तकप्रदेश के विभिन्न ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी एवं हिमस्खलन की संभावना है। डीजीआरई की जारी चेतावनी के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग जिले को नारंगी श्रेणी (श्रेणी-तीन) में रखा गया है। इस श्रेणी में अधिकांश हिमस्खलन मार्गों पर गहरी व अस्थिर बर्फ जमी रहती है। वहीं पिथौरागढ़ जिले को पीले रंग की श्रेणी (श्रेणी-2) में रखा गया है। इस श्रेणी में कुछ हिमस्खलन मार्गों पर अस्थिर बर्फ पाई जाती है। सीमित क्षेत्रों में छोटे आकार के प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना बनी रहती है। बागेश्वर जिले को हरे रंग की श्रेणी (श्रेणी-1) में रखा गया है। इस श्रेणी में सामान्यतः स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर रहती है, हालांकि कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर बर्फ की अस्थिरता पाई जा सकती है। इस संबंध में सचिव, आपदा प्रबंधन व पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर सतत निगरानी बनाए रखें, संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता सुनिश्चित करें।

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