हल्द्वानी। बाघ एक्सप्रेस (13020) इकलौती ट्रेन है जो बरेली, लखनऊ, गोरखपुर, सीवान, छपरा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, झारखंड के जामताड़ा होते हुए हावड़ा तक जाती है। इस ट्रेन में चार अक्तूबर से आठ अक्तूबर तक स्लीपर में 116, 100, 73, 34, 42 वेटिंग और थर्ड एसी में 74 वेटिंग है। इसी प्रकार नौ अक्तूबर से 13 अक्तूबर तक स्लीपर की वेटिंग 38, 62, 85, 95, 70 और थर्ड एसी में 29, 21, 61, 81, 31 वेटिंग है। दीपावली के आसपास यानी 16 अक्तूबर से स्लीपर बोगी रिग्रेट हो चुकी है। रानीखेत एक्सप्रेस (15014) में भी चार अक्तूबर से स्लीपर और थर्ड एसी में वेटिंग है।
स्लीपर की वेटिंग 100 पार कर चुकी है। 14 से 18 अक्तूबर तक इस ट्रेन में सीट की गुंजाइश बिल्कुल नहीं है। त्योहार के चलते ट्रेनों में सीटों के लिए मारामारी की नौबत है। यूपी और बिहार जाने वाली इकलौती ट्रेन बाघ एक्सप्रेस में अगले कई दिनों तक वेटिंग है। दीपावली के दौरान तो रिग्रेट यानी वेटिंग भी नहीं दिखा रहा है। यह हाल स्लीपर क्लास से लेकर सेकेंड एसी तक है। राजस्थान की इकलौती ट्रेन रानीखेत एक्सप्रेस में भी त्योहार के मौके पर पैर रखने की जगह नहीं है। यानी अगर आपने पूर्व में रिजर्वेशन नहीं कराया तो आप ट्रेन से सफर करने का प्लान बदल लीजिए।
शताब्दी से दिल्ली जाने वालों के लिए राहत
दिल्ली जाने वाली शताब्दी ट्रेन में राहत है। दिल्ली जाने वाले रेल यात्री चेयर कार में सफर कर सकते हैं। शताब्दी में 6, 7 और 8 अक्तूबर को जगह खाली है। हालांकि दिल्ली जाने वाली उत्तर संपर्क क्रांति की स्थिति और भी खराब है। इसमें अगले एक सप्ताह तक 45 से 60 तक वेटिंग है।







