बरेली के भोजीपुरा स्थित पिपरिया गांव में अवैध रूप से निर्मित मस्जिद पर सदर तहसील की टीम ने शनिवार को बुलडोजर चलाया। इस कार्रवाई में मस्जिद को जमीदोंज कर दिया गया है। एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह मस्जिद राजस्व अभिलेखों में गाटा 1474 पर श्रेणी-5 की सरकारी बंजर भूमि पर बनी हुई थी। इस जमीन पर अवैध निर्माण कर कब्जा किया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार, इस अवैध ढांचे को ध्वस्त कर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया गया है।
18 साल लंबी चली कानूनी जंग बेदखली के बाद हुई कार्रवाई
एसडीएम प्रमोद कुमार के अनुसार, इस भूमि को लेकर कानूनी विवाद साल 2008 से ही चल रहा था। सबसे पहले तहसीलदार कोर्ट ने इस निर्माण को अवैध मानते हुए बेदखली के आदेश पारित किए थे। इसके बाद दूसरा पक्ष राहत के लिए सिविल कोर्ट गया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली और उनका मुकदमा खारिज कर दिया गया। जैसे ही अदालत की बाधाएं दूर हुईं, प्रशासन ने भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।
कब्जा करने वालों पर लगा जुर्माना 300 वर्गगज जमीन हुई मुक्त
कार्रवाई के दौरान एसडीएम ने बताया कि बेदखली की प्रक्रिया के तहत कब्जा करने वाले पक्ष पर जुर्माना भी लगाया गया था, जिसे उन्होंने पहले ही जमा करा लिया था। करीब 300 वर्गगज में बनी मस्जिद को गिराने के दौरान गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवानों ने पूरे इलाके को घेरे रखा। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई के बाद मलबे को हटाया गया
सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को जमींदोज करने के बाद उसके मलबे को भी बुलडोजर से हटाया गया। मलबे को ट्रालियों में भरकर ले जाया गया। ये जो मस्जिद थी, इस पर टीन शेड डाला गया था। करीब 12 बजे शुरू हुई बुलडोजर की कार्रवाई में एक घंटे में अंदर पूरा अवैध निर्माण जमीदोंज हो गया।







