Saturday, February 28, 2026
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जानिए क्या है ज्योतिषाचार्यों का कहना होलिका दहन दो को चार मार्च को खेला जाएगा रंग

उत्तराखंड विद्वत सभा की आकाशदीप कॉलोनी में बैठक आयोजित हुई। अध्यक्ष हर्षपति गोदियाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में होली पर्व और सभा की वार्षिक पत्रिका अमृत कुंभ केदारखंड विशेषांक के विमोचन पर चर्चा की गई। ज्योतिषाचार्य राजेश अमोली ने कहा कि होलिका दहन भद्रा पुच्छ काल में ही मनाना शास्त्रसम्मत है। होलिका दहन दो मार्च की रात 1:27 से 2:39 बजे तक हो सकेगा। चंद्रग्रहण होने के कारण रंगोत्सव चार मार्च को मनाया जाएगा। बैठक में मौजूद सभी ज्योतिषाचार्यों ने इस निर्णय को शास्त्रसम्मत बताया।

राजधानी में होली मिलन कार्यक्रमों की रही धूम, कांग्रेसियों ने खेली फूलों की होली
राजधानी में शुक्रवार को होली मिलन कार्यक्रमों की धूम रही। होली के दिन दिल खिल जाते हैं.., होली खेले रघुवीरा अवध में.., होलिया में उड़े रे गुलाल… सहित अन्य गीतों पर लोग थमकर झूमे। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूलों की होली खेली। कांग्रेस के संचार विभाग के सचिव वैभव वालिया ने फूलों की होली कार्यक्रम का आयोजन किया।पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। फूलों की होली के माध्यम से आपसी सौहार्द, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति प्रेम, सहिष्णुता और पारस्परिक सम्मान की प्रतीक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज में सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया। वहीं, गढ़ी कैंट स्थित माता वैष्णो देवी गुफा योग मंदिर में कुमाऊनी खड़ी और बैठकी होली खेली गई। द्रोण आश्रम में होलियारों ने शास्त्रीय संगीत पर आज बिरज में होली रे रसिया पारंपरिक बैठकी होलियों का गायन किया। योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी ने विचार रखे। इस अवसर पर कैलाश पाठक, बबीता साह लोहनी, कैलाश पांडे आदि मौजूद रहे।

होली के लिए दून अस्पताल सतर्क
होली पर दुर्घटना और स्वास्थ्य संबंधित आपात स्थिति से निपटने के लिए दून अस्पताल ने कमर कस ली है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इमरजेंसी में अतिरिक्त डॉक्टराें की ड्यूटी लगाने के साथ ही स्टाफ को भी तैनात किया गया है।इसके अलावा पर्याप्त संख्या में दवाइयों की उपलब्धता के निर्देश दिए गए हैं। होली पर्व के दौरान अक्सर रंगों के दुष्प्रभाव, त्वचा एलर्जी, आंखों में केमिकल जाने, कान गले की संबंधी समस्याएं, हुड़दंग के कारण चोट और हड्डी टूटने की अधिक समस्या सामने आती है। इन विभागों से संबंधित डॉक्टरों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक और ईएनटी विशेषज्ञों को छोटी और बड़ी होली में अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को भी अतिरिक्त कार्मिक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

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