मोहम्मद अहमद कासमी के इंतकाल के बाद अब मौलाना मुफ्ती हशीम अहमद सिद्दकी को दून का नया शहरकाजी बनाया गया है। पलटन बाजार की जामा मस्जिद कमेटी ने जुमे की नमाज के बाद इसका एलान किया और शहरकाजी को पगड़ी पहनाई। नए शहरकाजी बनाने पर विरोध भी शुरू हो गया है।22 नवंबर को शहरकाजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी का इंतकाल हो गया था। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद पलटन बाजार की जामा मस्जिद कमेटी ने मौलाना मुफ्ती हशीम सिद्दकी को शहरकाजी, जामा मस्जिद और ईदगाह बिंदाल पुल का इमाम बनाने का एलान किया और उन्हें पगड़ी पहनाई। कमेटी के सदर नसीम अहमद ने बताया कि नमाजियों, उलमा और जिम्मेदारों की राय पर कमेटी ने मुफ्ती हशीम सिद्दीकी को शहरकाजी और इमाम बनाने का एलान किया है। वह दारुल उलूम देवबंद से पढ़े हैं। नए शहरकाजी मुफ्ती हशीम सिद्दीकी ने कहा कि मुसलमानों के पक्ष में जो भी फैसले होंगे उन्हें लिया जाएगा। वहीं, कांग्रेस नेता दानिश कुरैशी समेत कई लोगों ने नए शहरकाजी बनने पर मुबारकबाद दी।
नए शहरकाजी बनाने पर आपत्ति
दून में जामा मस्जिद पलटन बाजार कमेटी की ओर से बनाए गए नए शहरकाजी के लिए वक्फ बोर्ड ने आपत्ति जताई है। मुस्लिम सेवा संगठन का कहना है कि यह नियुक्ति असवैंधानिक है। जिन लोगों ने शहरकाजी की नियुक्ति की घोषणा की है उसका कार्यकाल ही 2021 में समाप्त हो चुका है। आरोप लगाया कि शहर में जो भी उलेमा हैं अधिकांश से कोई मशविरा नहीं किया गया।







