रुद्रपुर। त्रिशूल चौक पर लगे शिलापट पर नाम लिखने और मिटाने को लेकर नई राजनीति संग्राम छिड़ा है। इस मामले में मेयर विकास शर्मा और विधायक शिव अरोरा के समर्थक आमने-सामने हैं। विधायक समर्थक इसे जहां प्रोटोकॉल का उल्लंघन बता रहे हैं तो वहीं मेयर के समर्थकों को कहना है कि प्रोटोकॉल का पूरा ख्याल रखा गया है। एक शिलापट पर सभी के नाम पद के हिसाब से लिखे हैं। दूसरे पट पर शिव स्तुति का उल्लेख करना था लेकिन निर्माण इकाई ने आनन-फानन में हुए कार्यक्रम के बीच सीएम और मेयर का नाम लिख दिया। इसे मिटाया जा चुका है। 14 फरवरी को रुद्रपुर पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम की ओर से बनाए गए त्रिशूल चौक का लोकार्पण किया था। इस जगह पर दो शिलापट लगाए गए थे। एक शिलापट में सीएम धामी, सांसद अजय भट्ट, मंत्री गणेश जोशी, विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों के नाम दर्ज थे।
दूसरे शिलापट में सीएम धामी और मेयर शर्मा का नाम ही दर्ज था। इसे लेकर विधायक और मेयर समर्थकों में सोशल मीडिया पर टिप्पणियां शुरू हो गईं। कार्यक्रम के 24 घंटे बाद नगर निगम ने उस शिलापट को पोत दिया है जिसमें सीएम और मेयर का ही नाम दर्ज था। विधायक बनने के बाद मैंने कहा था कि इंदिरा चौक पर त्रिशूल स्थापित किया जाएगा। नगर निगम के सहयोग से त्रिशूल लगा दिया गया है। नाम लिखने के मामले का पटाक्षेप हो गया है। इसलिए इस पर कुछ भी बोलना सही नहीं है। – शिव अरोरा, विधायक।
कुछ लोग बेवजह की राजनीति कर रहे हैं। प्रोटोकॉल के तहत त्रिशूल चौक पर शिलापट लगाया गया है। पहले से तय था कि एक शिलापट पर शिव स्तुति लिखी जाएगी। मगर निर्माण इकाई ने आनन-फानन में हुए कार्यक्रम के दौरान उस पर सीएम और मेरा नाम लिख दिया। इस पर अब दोबारा शिव स्तुति लिखी जाएगी। – विकास शर्मा, मेयर







