खरखौदा । बीडीपीओ कार्यालय में तैनात पटवारी सुदेश और उसी कार्यालय में कैंटीन चलाने वाले कृष्ण को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक की टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों पर पंचायती जमीन पर मालिकाना हक दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है।गांव सिसाना निवासी अनिल ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत दी थी कि पंचायती जमीन पर मालिकाना हक पाने की प्रक्रिया को लेकर वह बीडीपीओ कार्यालय में तैनात हलका पटवारी सुदेश से मिले थे। आरोप है कि पटवारी ने रजिस्ट्री रिपोर्ट तैयार करने की एवज में 25 हजार रुपये की मांग की। बाद में यह सौदा 20 हजार रुपये में तय हो गया।
अनिल ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस बातचीत की मोबाइल से ऑडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली थी। पटवारी सुदेश ने रिश्वत की रकम सीधे लेने के बजाय उसे बीडीपीओ कार्यालय की कैंटीन चलाने वाले कृष्ण को देने के लिए कहा। जब अनिल ने कृष्ण को ऑनलाइन भुगतान करने की कोशिश की तो कृष्ण ने पटवारी से पूछने की बात कही।पटवारी के ऑनलाइन पैसे लेने से इन्कार करने पर कृष्ण ने कहा कि उसे इसमें से केवल एक हजार रुपये मिलने हैं जबकि 19 हजार रुपये पटवारी सुदेश को दिए जाने हैं। इसके बाद अनिल ने नकद पैसे देने का बहाना बनाकर सतर्कता ब्यूरो से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत और रिकॉर्डिंग के आधार पर ब्यूरो ने पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर ली।
कैंटीन में बिछाया जाल, दोनों आरोपी दबोचे
सोमवार को इंस्पेक्टर जगजीत सिंह के नेतृत्व में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट एमडी शुगर मिल के अधिकारी संजय कुमार की मौजूदगी में बीडीपीओ कार्यालय पहुंची। टीम ने पहले कैंटीन में शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये कृष्ण को दिलवाए। इसके बाद कृष्ण के इशारे पर जब पटवारी सुदेश कैंटीन में पैसे लेने पहुंची तो टीम ने उसे भी मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई से मचा हुडक़ंप
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की इस कार्रवाई से बीडीपीओ कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। ब्यूरो ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो बिना डर शिकायत दर्ज कराएं।







