साहिया। मंडी परिसर में आयोजित महापंचायत में हक-हकूक के तहत मिले जल, जंगल व जमीन से संबंधित अधिकारों पर चर्चा की गई।इसमें एकत्र हुए जौनसार बावर की 17 खतों के लोगों ने एक साथ अधिकारों के हनन की स्थिति में जनांदोलन चलाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि जौनसार क्षेत्र में निवास करने वाले जनजातीय समुदाय को वाजिब-उल-अर्ज व्यवस्था के तहत विशेषाधिकार प्राप्त हैं। उनके अधिकारों पर लंबे समय से प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खत बमटाड के खाक स्याणा बुद्ध सिंह तोमर ने कहा कि अधिकारों के संबंध में न्यायिक आदेश के बावजूद भी जान-बूझकर अधिकारी अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहे हैं।
यह न केवल कानून के विरुद्ध है बल्कि क्षेत्र की जनजातीय परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों की अवहेलना है। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा कि माफी की लकड़ी पर पहला अधिकार स्थानीय ग्रामीणों का है लेकिन उन्हें इस अधिकार से वंचित किया जा रहा है जो न्यायपूर्ण नहीं है।महापंचायत को पूर्व ब्लाॅक प्रमुख अर्जुन सिंह चौहान, कनबुआ के स्याणा शांति सिंह पंवार, राकेश उत्तराखंडी, कुलदीप चौहान, प्रताप सिंह आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान राजेंद्र सिंह राय, अर्जुन सिंह तोमर, मंजीत सिंह, हरदेव सिंह, सुनील जोशी, बलदेव सिंह तोमर, गंगा सिंह चौहान, तुलसी राम शर्मा, राजेंद्र सिंह तोमर, मातबर सिंह, दिनेश तोमर, दिग्विजय सिंह, मठोर सिंह चौहान, खजान सिंह नेगी, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।







