प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को गोवा, दिल्ली और हरियाणा में छापेमारी की। यह कार्रवाई गोवा के एक नाइटक्लब के मालिकों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करने के बाद की गई है। इस क्लब में पिछले साल दिसंबर में लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी।
दिल्ली, गोवा और हरियाणा में एक साथ रेड
ईडी ने करीब आठ से नौ ठिकानों पर तलाशी ली है। इनमें भाई सौरभ और गौरव लूथरा और सह-मालिक अजय गुप्ता के दिल्ली के किंग्सवे कैंप स्थित दफ्तरों और रिहाइशी जगहों के साथ-साथ गुरुग्राम (हरियाणा) के तत्वम विला भी शामिल हैं। इसके अलावा गोवा में सरपंच रोशन रेडकर और पंचायत सचिव रघुवीर बागकर के ठिकानों पर भी तलाशी ली जा रही है। ईडी अधिकारियों के अनुसार, रेडकर और बागकर पर क्लब के लिए अवैध व्यापार लाइसेंस और एनओसी जारी करने में मदद करने का आरोप है।
अवैध लाइसेंस और जमीन का पूरा खेल
एजेंसी के अधिकारी क्लब के मालिकों में से एक माने जाने वाले ब्रिटिश नागरिक सुरिंदर कुमार खोसला के परिसरों पर भी मौजूद हैं। यहां ‘खाजान’ भूमि (नमक बनाने वाली जमीन) के अवैध रूपांतरण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की जांच की जा रही है, जिस पर ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ क्लब बना हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई संघीय जांच एजेंसी द्वारा प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करने के बाद की जा रही है।
25 लोगों की दर्दनाक मौत का वो दिन
यह आग 6 दिसंबर, 2025 को गोवा के अर्पोरा गांव में स्थित नाइटक्लब में लगी थी, जब वहां एक डांस पार्टी चल रही थी। इस घटना में 25 लोगों की जान चली गई थी और करीब 50 लोग घायल हो गए थे। इस घटना के कुछ घंटों बाद ही लूथरा बंधु देश छोड़कर थाईलैंड भाग गए थे। बाद में उन्हें पिछले साल 17 दिसंबर को भारत डिपोर्ट किया गया था और वे वर्तमान में गोवा पुलिस की हिरासत में हैं।







