पेट्रोल पंप से स्कैनर के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 35200 रुपये और कई डेबिट एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। बीते 31 जनवरी को प्रशांत रावत निवासी भोगपुर ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कहा था कि उनकी सास के नाम रानीपोखरी में शहीद सुबाव पेट्रोल पंप है। पेट्रोल पंप के खाते का स्कैनर का इस्तेमाल कर करीब साढे चार लाख का अवैध लेन-देन किया गया है। जिस पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मुखबीर की सूचना पर इस मामले के एक आरोपी युवराज सिंह भाटी निवासी ग्राम घोडो की पोल, खजवाणा रोड, संखवाश थाना भंवडा जिला नागौर, राजस्थान हाल निवासी स्पाल्टन लाइब्रेरी के पास पंसा मार्केट, विष्णु नगर, डिगाडी थाना बनाड जिला जोधपुर राजस्थान को नागाघेर रानीपोखरी से गिरफ्तार किया है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी युवराज सिंह भाटी ने बताया कि दो-तीन साल पहले उसकी मुलाकात निशांत विश्नोई उर्फ दिलखुश निवासी नरसिंह पिआऊ थाना माता का थान जोधपुर राजस्थान और श्रवण विश्नोई निवासी ग्राम विराणी थाना खेडापा जिला जोधपुर राजस्थान से हुई थी।दोनों ने पैसों का लालच देकर उसे अपने साथ मिलाया। जिसके बाद अलग-अलग राज्यों के लोगो को फोन और ऑनलाइन संपर्क करके पांच परसेंट पैसों का लालच देकर उनके खाता संख्या, एटीएम कार्ड, स्कैनर और अन्य डिटेल लेकर ठगी की गई। वह और श्रवण विश्नोई आनलाइन फ्राड का पैसा विड्राल करवाकर निशांत विश्नोई को देने का काम करते हैं।थानाध्यक्ष विकेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रमोद उर्फ पम्मी निवासी ऋषिकेश को चार परसेंट का लालच देकर पेट्रोल पंप का स्कैनर लेकर ऑनलाइन धोखाधड़ी वाला पैसा ट्रांसफर करवाया गया। जिसके बाद प्रमोद उर्फ पम्मी की मदद से पेट्रोल पंप के खाते से करीब साढे चार लाख रुपये निकाले गए।
ऑनलाइन लिंक भेजकर करते थे धोखाधड़ी
आरोपी युवराज ने पुलिस को जानकारी दी कि गिरोह के सदस्य ऑनलाइन लिंक भेजकर और व्हाट्सपएप, फेसबुक पर फर्जी एप के माध्यम से धोखाधड़ी करते हैं। जिसे निशांत उर्फ दिलखुश और अन्य लोग अंजाम देते हैं। अधिक पैसा कमाने के लालच में उसने इस काम को किया है।







