यूपी के रायबरेली के लालगंज कोतवाली में भ्रष्टाचार मामले में दर्ज एफआईआर में एआरटीओ पुष्पांजलि मित्र गौतम को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से राहत मिली है। अब बिना अनुमति उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकेगी। पुष्पांजलि मित्र गौतम की याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि चूंकि दर्ज मामले में लगी धाराओं में सजा अधिकतम 7 वर्ष तक की ही है, लिहाजा पुलिस बीएनएस की धारा 353 के प्रावधानों का अनुपालन करेगी। समुचित कारण दर्शाते हुए, संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट से अनुमति प्राप्त करने के पश्चात ही गिरफ्तारी की जाएगी।
एफआईआर में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं
राज्य सरकार की ओर से दिए गए इस आश्वासन पर न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ ने पुष्पांजलि मित्र गौतम की याचिका को निस्तारित कर दिया है। कोर्ट ने मामले से संबंधित एफआईआर में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया है।







