Wednesday, February 18, 2026
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स्कूलों को वर्षों बाद भी नहीं मिला अपना भवन प्राइमरी विद्यालय में चल रहे बालिका इंटर काॅलेज

प्रदेश में बालिका शिक्षा को बढ़ाव देने के दावों के बीच कुछ बालिका इंटरमीडिएट काॅलेज प्राइमरी स्कूलों में चल रहे हैं। यह हाल तब है, जबकि शिक्षा विभाग का वार्षिक बजट 12 हजार करोड़ से ज्यादा का है। इसके बाद भी एक विद्यालय को 13 साल तो दूसरे को 20 साल बाद भी अपना भवन नहीं मिल पाया है। कुछ अन्य स्कूलों का भी यही हाल है। विभाग में शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के नाम पर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। विभाग की ओर से एक तरफ 840 से अधिक राजकीय विद्यालयों में हाइब्रिड मोड में स्मार्ट और वर्चुअल कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। आधुनिक तकनीक (आईसीटी) के माध्यम से, देहरादून के केंद्रीयकृत स्टूडियो से इन स्कूलों में लाइव पढ़ाई कराई जा रही है।

विभाग का दावा है कि इसका उद्देश्य छात्रों को डिजिटल तकनीक से जोड़कर शिक्षा को सरल और रोचक बनाना है। इसमें छात्र अपनी कक्षा में उपस्थित रहकर विशेष वर्चुअल सत्रों में भाग ले सकते हैं। इसके अलावा विभाग की ओर से बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। जिसमें कक्षा नौवीं में पढ़ने वाली छात्राओं को साइकिल या फिर इसे खरीदने के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वहीं, समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकारी और अशासकीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं को मुफ्त किताबें दी जा रही है।

स्कूलों को वर्षों बाद भी अपने भवन नसीब नहीं
दूसरी ओर कुछ स्कूलों को वर्षों बाद भी अपने भवन नसीब नहीं हैं। यही वजह है कि विभाग की ओर से हरिद्वार जिले के राजकीय बालिका इंटर कालेज गुलाबशाहपीर को राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामपुर में संचालित किया जा रहा है। नवीन स्थापना वर्ष 2013-14 के इस विद्यालय में 127 छात्राएं अध्ययनरत हैं। यही हाल इस जिले के नारसन ब्लॉक के राजकीय बालिका इंटर कालेज मंगलौर का है। नवीन स्थापना वर्ष 2006-07 के इस विद्यालय में वर्तमान में 210 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इस बालिका इंटर कालेज को राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन में संचालित किया जा रहा है।

ये विद्यालय भी चल रहे प्राइमरी स्कूलों में
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टाम्डा बन्हेडा हरिद्वार में 82 छात्र अध्ययनरत हैं। जिसे वर्तमान में राजकीय जूनियर हाईस्कूल टांडा बन्हेडा में संचालित किया जा रहा है। जबकि राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानकपुर आदमपुर जिसमें 14 छात्र अध्ययनरत हैं को राजकीय प्राथमिक विद्यालय मानकपुर आदमपुर में संचालित किया जा रहा है। टाम्डा बन्हेंडा का उच्चीकरण 2013-14 और मानकपुर आदमपुर का 2016-17 में हुआ है। बताया गया है कि अपना भवन न होने से स्कूलों में छात्र संख्या भी नहीं बढ़ पा रही है।इन विद्यालयों के लिए भूमि नहीं मिल पाई है। भूमि उपलब्ध होने पर स्कूल भवन का निर्माण किया जाएगा। – डॉ. मुकुल सती, शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा

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