थानो रेंज के अन्तर्गत वनों को आग से बचाने के लिए एक वन अग्नि सुरक्षा गोठी, प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें वन कर्मियों, एनडीआरएफ, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।प्रभागीय वन अधिकारी नीरज शर्मा ने कहा कि बीते वर्ष जनप्रतनिधियों और आमजन के सहयोग से वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में काफी मदद मिली थी। थानो वन रेंज का इलाका टिहरी के पहाड़ी क्षेत्र से पास से लेकर देहरादून रिहायशी इलाकों तक फैला हुआ है। फायर सीजन को देखते हुए थानो वन रेंज में छह क्रू स्टेशन और एक मास्टर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। रेंज में तीन वॉच टॉवर बनाए गए हैं जो स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और गठित आठ वन पंचायतों के साथ मिलकर कार्य करेंगे।
रेंजर एनएल डोभाल ने कहा कि थानो में करीब 12 हजार हेक्टेयर में वनक्षेत्र है। जिसमें साठ फीसदी पहाड़ी क्षेत्र है। कालूवाला, भोपालपानी, लडवाकोट, धारकोट, भोगपुर और थानो के क्रू स्टेशन रेंज कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से मिलकर कार्य करेंगे। वहीं गुलरघाटी, ईको पार्क और मैदान बंगला में वॉच टावर से वनकर्मी वनाग्नि पर नजर रखेंगे। कार्यक्रम में एनडीआरएफ द्वारा फायर उपकरण के बारे में जानकारी दी गई। रेंज के अन्तर्गत कई फायर लाइनों की सफाई, संवेदनशील क्षेत्रों में फायर फुकान कार्य किया गया। इस अवसर पर अजय पंत, मंजीत शाह, मनोज पैन्यूली, सूरज धीमान, मनीप रमोला, दशरथ, जिपंस मीना मनवाल आदि उपस्थित रहे।







