पिथौरागढ़। रोडवेज की खटारा पुरानी बसों में यात्री जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। घाट-पिथौरागढ़ हाईवे पर देहरादून से आ रही यात्रियों से भरी बस का स्टेयरिंग जाम हो गया और इंजन में खराबी आ गई। बस से धुआं उठता देख चेकिंग कर रहे एआरटीओ ने वाहन को रुकवाया। समय रहते बस रुकने से बड़ा हादसा होने से बच गया। यात्रियों को दूसरी बस की व्यवस्था कर गंतव्य के लिए भेजा गया। शनिवार को पिथौरागढ़ डिपो की एक बस देहरादून से 30 से अधिक यात्रियों को लेकर घाट के पास पहुंची।
अचानक इंजन में खराबी आने से बस से धुआं उठने लगा और स्टेयरिंग ने काम करना बंद कर दिया। लड़खड़ाती बस को देख चेकिंग कर रहे एआरटीओ शिवांश कांडपाल ने इसे रुकवाया। चालक ने बताया कि स्टेयरिंग ने काम करना बंद कर दिया और बस चढ़ाई पर नहीं चढ़ पा रही थी। एआरटीओ ने तत्परता दिखाते हुए एआरएम से संपर्क कर जिला मुख्यालय से दूसरी बस मंगवाई तब जाकर यात्री गंतव्य तक पहुंच सके। यदि खटारा बस को ऐसे ही दौड़ाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
यात्रियों की सुरक्षा से किया जा रहा खिलवाड़
पिथौरागढ़ डिपो के बेड़े में शामिल 68 में 25 बसें अपनी उम्र पार कर चुकी हैं। नई बसें न मिलने से डिपो के लिए पुरानी बसों को दौड़ाना मजबूरी बना हुआ है। इन बसों में सफर करना जोखिम भरा साबित हो रहा है। आए दिन किसी न किसी बस के इंजन में खराबी तो किसी का स्टेयरिंग जाम होने से ये रास्तों पर खड़ी हो रही हैं।
कोट
देहरादून से आ रही एक बस से धुआं निकल रहा था जिसे रुकवाया गया। चालक ने बताया कि बस में खराबी आ गई है और स्टेयरिंग काम नहीं कर रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बस को मौके पर ही खड़ा कराया गया। दूसरी बस मंगवाकर यात्रियों को गंतव्य तक भेजा। – शिवांश कांडपाल, एआरटीओ, पिथौरागढ़







