कोयंबटूर (तमिलनाडु) में तैनात डिफेंस सिक्योरिटी कोर (डीएससी) में नायक के पद पर तैनात महावीर सिंह रावत (51) पुत्र स्व. वीरेंद्र सिंह रावत की पांच फरवरी को हृदय गति रुकने से मौत हो गई। शनिवार शाम उनके पार्थिव शरीर को इंडिगो की उड़ान से दिल्ली से देहरादून लाया गया।देहरादून एयरपोर्ट पर उनके परिजनों और स्थानीय निवासियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। वहीं रायवाला से आई सेना की टुकड़ी ने उन्हे गार्ड ऑफ ऑनर का सम्मान दिया। तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर को देहरादून एयरपोर्ट से उनके निवास स्थान वार्ड संख्या पांच, कोठारी मोहल्ला जौलीग्रांट ले जाया गया।रविवार दोपहर बाद हरिद्वार स्थित श्मशान घाट पर मृतक सैनिक का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। महावीर सिंह रावत पिछले करीब 11 वर्ष से डीएससी में तैनात थे। इससे पहले उन्होंने करीब 22 वर्ष तक 15 गढ़वाल राइफल्स में भी हवलदार के पद पर देश की सेवा की थी। जिसके बाद वो डीएससी में सिपाही के रूप में भर्ती हुए थे।वर्तमान में वो नायक के पद पर कोयंबटूर में तैनात थे। जहां ड्यूटी के दौरान उनकी हृदय गति रुकने से मृत्यु हो गई। उनके पार्थिव शरीर को पहले कोयंबटूर से दिल्ली लाया गया। उसके बाद दिल्ली से इंडिगो की उड़ान द्वारा देहरादून लाया गया।एयरपोर्ट पर गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सेना के ट्रक द्वारा पार्थिव शरीर को उनके निवास स्थान जौलीग्रांट ले जाया गया। अर्जुन सिंह रावत, राजू रावत, संजय जोशी, विक्रम सिंह नेगी, अर्जुन सिंह, बेताल सिंह आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
टिहरी जिले के थे मूल निवासी
स्थानीय निवासी अर्जुन सिंह रावत ने कहा कि महावीर सिंह रावत को कोठारी मोहल्ला, जौलीग्रांट में बसे हुए करीब दस वर्ष हो चुके हैं। वो मूल रूप से रन कंडियाल तहसील कीर्तिनगर, टिहरी के रहने वाले थे। वो अपने पीछे पत्नी, पुत्र और पुत्री को छोड़ गए हैं।
परीक्षा देने के बाद ही अंतिम संस्कार में शामिल होगा पुत्र
नायक महावीर सिंह रावत का बेटा गौरव रावत अपने पिता को हरिद्वार में मुखाग्नि देने से पहले प्रेमनगर, देहरादून में अग्नि परीक्षा देगा। इस परीक्षा को देने के बाद ही बेटा अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने और हरिद्वार में मुखाग्नि देने के लिए जाएगा। गौरव रावत की प्रेमनगर, देहरादून में एक कॉलेज में गेट की परीक्षा है। अपने पिता के पार्थिव शरीर को घर पर छोड़कर बेटा पहले देहरादून जाकर गेट की परीक्षा देगा। बेटे की यह परीक्षा सुबह साढ़े नौ बजे से लेकर साढ़े बराह बजे तक होगी। जिसके बाद गौरव को वापस अपने घर तक आने में करीब डेढ़ से दो घंटे तक लग सकते हैं। इसके बाद ही बेटा पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होकर हरिद्वार स्थित श्मशान घाट में मुखाग्नि देगा। सेना की इंटेलिजेंस कोर श्रीनगर में तैनात महावीर सिंह रावत के दोस्त और पड़ोसी विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि वो और महावीर रावत एक ही दिन सेना में भर्ती हुए थे। दोनों ने एक साथ सेना की ट्रेनिंग पूरी की थी। महावीर रावत काफी मिलनसार व्यक्ति थे।उनके परिवार में उनकी पत्नी हिमांशी देवी, पुत्र गौरव रावत और पुत्री सिया रावत है। गौरव रावत ने ग्राफिक एरा से बीटेक किया है। जबकि बेटी सिया रावत द होराईजन स्कूल जौलीग्रांट में 12वीं की छात्रा है। कहा कि गेट की परीक्षा देने के बाद ही बेटा अपने पिता को मुखाग्नि देगा।







