रुद्रपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चल रहा तीन दिवसीय प्रशिक्षण शनिवार को संपन्न हो गया। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में चल रहे प्रशिक्षण में जिले में संचालित 18 टीमों के चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट व स्टाफ नर्स को जन्मजात विकृति की पहचान के बारे में बताया गया। एसीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक ने बताया कि सभी टीमें क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों व स्कूलों में भ्रमण कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी और अनुपस्थिति बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उनके घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे ताकि किसी भी दशा में कोई भी बच्चा स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। एसीएमओ ने गंभीर रोग से ग्रस्त बच्चों की जानकारी डीईआईसी (जिला हस्तक्षेप शीघ्र केंद्र) को सूचित करने की बात कही ताकि केंद्र में बच्चे का समय पर इलाज कराया जा सके। वहां डीपीएम हिमांशु मस्युनी, डीएस भंडारी, चांद मियां, जावेद अहमद, पूरनमल आदि थे।
आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी टीमें
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