हल्द्वानी शहर में सड़कों पर खड़े किए जाने वाले ठेलों से अब निजात मिल सकेगी। नगर निगम प्रशासन ने प्राइवेट वेंडिंग जोन पॉलिसी को स्वीकृति दे दी है। इसके बाद निजी भूमि पर बाजार, फूड कोर्ट और चौपाटी खुलेंगी। इसके लिए निगम से लाइसेंस प्राप्त करना होगा। शहर में करीब 1800 फड़-ठेले वाले पंजीकृत हैं। अभी तक वेंडिंग जोन न बनने के कारण ऐसे लोग सड़क, बाजार आदि पर कारोबार कर रहे हैं। इसके कारण आए दिन जाम और अतिक्रमण की समस्या खड़ी होती रही है। इस समस्या का हल निकालते हुए निगम प्रशासन ने निजी जमीनों पर वेंडिंग जोन बनाने की पॉलिसी तैयार की थी। इसके तहत आपत्तियां मांगी गई। अब इनका निस्तारण करने के बाद पॉलिसी को लागू कर दिया गया है। अभी 25 लोगों ने मुखानी, लालडांठ, नहर कवरिंग, रामपुर रोड आदि क्षेत्रों में स्थित निजी जमीनों पर फूड कोर्ट खोलने के लिए आवेदन किया है।
सुरक्षा के साथ पार्किंग की अनिवार्य
बाजार, फूड कोर्ट और चौपाटी के लिए सीसीटीवी की निगरानी के साथ ही शौचालय और पार्किंग की सुविधा होना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।
100 रुपये से अधिक नहीं ले पाएगा भू-स्वामी
हल्द्वानी। निजी वेंडिंग जोन में निगम के वेंडरों से भू-स्वामी एक दिन में 100 रुपये से अधिक की राशि नहीं ले पाएगा जबकि अन्य के लिए शुल्क वही तय करेगा। वेंडिंग जोन के लिए जमीन के लिए कोई मानक तय नहीं है। बस पार्किंग और शौचालय की सुविधा अनिवार्य है।
टेंडर आमंत्रित किए
मंगलपड़ाव में ऑटो स्टैंड और मंडी बाईपास मार्ग पर वेंडिंग जोन बनाने के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। जल्द ही यहां भी ठेले लगाए जा सकेंगे। यह प्रक्रिया तेजी से चल रही है। निजी वेंडिंग जोन में 25 फीसदी निगम में पंजीकृत वेंडरों के ठेले खड़े किए जा सकेंगे। पॉलिसी में यह शर्त रखी गई है। इनका किराया साधारण होगा जबकि 75 फीसदी का किराया जमीन स्वामी तय करेगा। – परितोष वर्मा, नगर आयुक्त







