इंडोनेशिया में भूकंप और सुनामी से तबाह हुए कई इलाकों में पीड़ितों तक पहुंचने के लिए शनिवार को बचावकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारियों के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 248 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
राहत विमान की मदद पहुंचाई जा रही सहायता
वहीं बाढ़ और भूस्खलन की वजह से क्षतिग्रस्त सड़कों और संचार लाइनों के कारण कई इलाके बड़े पैमाने पर कट गए हैं। उत्तरी सुमात्रा प्रांत के मध्य टापानुली जिले और क्षेत्र के अन्य जिलों में राहत विमान की मदद से सहायता और आपूर्ति पहुंचाया जा रहा है।
सड़कों व संचार व्यवस्था ठप राहत अभियान में मुश्किल
उत्तरी सुमात्रा पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार सड़कों, बिजली और फोन नेटवर्क के पूरी तरह बंद होने के कारण बचाव दलों को बड़ी परेशानी हो रही है। आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि अब तक करीब 8,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, लेकिन कई मार्ग बंद होने के चलते राहत सामग्री अब हेलीकॉप्टर से भेजी जा रही है।
सबसे ज्यादा नुकसान सिबोल्गा और सेंट्रल टापानुली में
आपदा प्रबंधन एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि सिबोल्गा और सेंट्रल टापानुली जैसे क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘अभी वहां पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। संचार पूरी तरह बंद है। हम उन इलाकों के लोगों से संपर्क भी नहीं कर पा रहे।
इंडोनेशिया के अन्य इलाकों में भी बाढ़
केवल नॉर्थ सुमात्रा ही नहीं बल्कि वेस्ट सुमात्रा और आचेह प्रांतों में भी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। इंडोनेशिया की सरकारी एजेंसी अंतारा ने बताया कि आचेह के 23 में से 10 जिलों में पानी भर गया है यह आपदा इंडोनेशिया में दुर्लभ माने जाने वाले ट्रॉपिकल साइक्लोन के कारण हुई है, जो सुमात्रा द्वीप से टकराया और मलक्का जलडमरूमध्य तक पानी फैला दिया। इंडोनेशिया में कई जगहों पर तेज बारिश अभी भी जारी है और प्रशासन जल्द से जल्द और ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश कर रहा है।







