काशीपुर। गर्भवतियों को सरकारी अस्पताल में इलाज, जांच आदि बेहतर निशुल्क सुविधा मिलने के बाद भी जुलाई से प्रसव की संख्या लगातार गिर रही है। यह हकीकत अस्पताल के आंकड़े बयां कर रहे हैं। बावजूद इसके विभागीय अधिकारी कोई ठोस कदम उठाते नजर नहीं आ रहे।एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, रामनगर, यूपी आदि से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में पांच महिला चिकित्सक कार्यरत हैं। यहां पर सीजर व सामान्य प्रसव की सुविधा है। नर्सिंग अधिकारियों की भी कोई कमी नहीं है। अस्पताल में प्रसव निशुल्क होता है। प्रसव के बाद भर्ती प्रसूता के लिए वार्ड में भी बेहतर सुविधा की गई। अस्पताल में इलाज भी मुफ्त होता है। इसके सबके बावजूद जुलाई 2025 के बाद से अचानक प्रसव का ग्राफ नीचे गिरता चला गया है। इससे पहले स्थिति ठीक थी।
ये हैं आंकड़े :
सत्र 2025-26 (अप्रैल-मार्च) सत्र 2024-25
महीना कुल प्रसव कुल प्रसव
अप्रैल 134 152
मई 158 137
जून 165 146
जुलाई 218 194
अगस्त 261 274
सितंबर 235 266
अक्तूबर 229 232
नवंबर 222 249
दिसंबर 225 245
जनवरी 211 216
फरवरी 151 163
मार्च 165 163
कोट
अस्पताल में प्रसव कम होने का विषय गंभीर है। प्रत्येक महीने की रिपोर्ट मांगी गई है। गर्भवती के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेने के लिए आशाओं को लिंक भेज दिया है। प्रसव कम होने के मामले की सख्ती से मॉनिटरिंग की जा रही है। – डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर







